धारदार हथियार लहराकर परिवार को डराने-धमकाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, तलवार और चापड़ बरामद
बिलासपुर के ग्राम बिटकुला में धारदार हथियार लेकर एक परिवार को डराने-धमकाने के आरोप में सीपत पुलिस ने दिनेश कोराम और शरद पटेल को गिरफ्तार किया। दोनों के कब्जे से तलवार और चापड़ बरामद हुए। आयुध अधिनियम के तहत कार्रवाई के बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

बिलासपुर/छत्तीसगढ़। सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम बिटकुला के हरदुली पारा में धारदार हथियार लेकर लोगों को डराने-धमकाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक धारदार लोहे की तलवार और एक चापड़ बरामद किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, ग्राम बिटकुला के हरदुली पारा में कुछ लोगों द्वारा धारदार हथियार लहराकर एक परिवार को डराने-धमकाने की सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी ने तत्काल पुलिस टीम को कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी दिनेश कोराम और शरद पटेल ग्राम बिटकुला के हरदुली पारा में कलेश्वर सूर्यवंशी के घर के सामने गली में धारदार हथियार लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि दोनों तलवार और चापड़ लहराते हुए कलेश्वर सूर्यवंशी तथा उनके परिजनों को डराने-धमकाने के साथ मारपीट की धमकी दे रहे थे। हथियार लेकर आरोपियों के घूमने और परिवार को धमकाने की सूचना से इलाके में तनाव की स्थिति बन गई थी।
सूचना मिलने पर सीपत पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और आरोपियों की घेराबंदी शुरू की। पुलिस टीम ने तलाश और घेराबंदी के बाद दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। हिरासत में लेकर तलाशी लेने पर दिनेश कोराम के कब्जे से एक धारदार लोहे की तलवार बरामद हुई, जबकि शरद पटेल के पास से लोहे का धारदार चापड़ मिला। पुलिस ने दोनों हथियारों को विधिवत जब्त कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिनेश कोराम, पिता अवधराम कोराम, उम्र 20 वर्ष और शरद पटेल, पिता संतराम पटेल, उम्र 25 वर्ष के रूप में हुई है। दोनों ग्राम बिटकुला, थाना सीपत, जिला बिलासपुर के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस ने धारदार हथियार लेकर आमजन को डराने-धमकाने के आरोप में दोनों के खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय के आदेश पर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।




