मुंगेली में ब्लैकमेलिंग से परेशान दंपती ने की युवक की हत्या, दूध में नींद की दवा मिलाकर बनाया शिकार
मुंगेली जिले में हुई हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। प्लानिंग के तहत पति-पत्नी ने 30 जुलाई की रात अरुण को अपने घर बुलाया। इसके बाद दूध में नींद की दवा मिलाकर उसे पिला दी। बेहोश होने के बाद गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।

मुंगेली/छत्तीसगढ़। मुंगेली जिले के चिल्फी थाना क्षेत्र में 30 जुलाई को हुई युवक की हत्या का पुलिस ने खुलासा करते हुए आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, युवक द्वारा महिला के निजी वीडियो के जरिए कथित तौर पर ब्लैकमेल किए जाने से परेशान दंपती ने योजनाबद्ध तरीके से उसकी हत्या की। दोनों आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान अरुण पटेल के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि अरुण और आरोपी दंपती काम के सिलसिले में महाराष्ट्र गए थे। वहां तीनों एक ही कमरे में रहते थे। इसी दौरान अरुण के महिला के साथ संबंध बने। आरोप है कि अरुण ने महिला को झांसा देकर उसका वीडियो बना लिया और बाद में वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करने लगा।
पुलिस के अनुसार, महिला ने अपने पति को पूरी बात बताई। इसके बाद पति-पत्नी ने अरुण को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग से पीछे नहीं हटा। इसके बाद दोनों ने उसकी हत्या की योजना बनाई।
योजना के तहत 30 जुलाई को दंपती ने अरुण को अपने घर बुलाया। पुलिस के मुताबिक, वहां उसे दूध में नींद की दवा मिलाकर पिला दी गई। बेहोश होने के बाद दंपती ने गमछे से उसका गला घोंट दिया। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने का प्रयास किया गया, लेकिन योजना पूरी तरह सफल नहीं हो सकी। बाद में दोनों ने शव को रामचंद्र पटेल के घर के पास सड़क किनारे फेंक दिया।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने हत्या में इस्तेमाल गमछा और मृतक का मोबाइल फोन मनियारी नदी में फेंक दिया था। घटना की जांच के दौरान पुलिस को परिस्थितिजन्य साक्ष्य और अन्य महत्वपूर्ण सुराग मिले। इन्हीं के आधार पर पुलिस ने मुकेश पटेल और मनीषा बाई पटेल को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान दोनों ने कथित तौर पर हत्या की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों और घटनाक्रम की भी जांच कर रही है।




