महामाया राजकीय महाविद्यालय में एंटी रैगिंग डे पर छात्रों को बताए नियम, रैगिंग के खिलाफ जागरूकता का दिया संदेश
महामाया राजकीय महाविद्यालय में एंटी रैगिंग डे मनाते हुए 12 से 18 अगस्त तक एंटी रैगिंग वीक की शुरुआत की गई। प्राचार्य डॉ. शैलेन्द्र तिवारी ने रैगिंग के खिलाफ यूजीसी और सुप्रीम कोर्ट के नियमों की जानकारी दी। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को अनुशासन और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया।

सचिन पांडेय/जिला ब्यूरो चीफ
कौशाम्बी/उत्तर प्रदेश। महामाया राजकीय महाविद्यालय में 12 अगस्त को एंटी रैगिंग डे मनाया गया। इस अवसर पर 12 से 18 अगस्त तक एंटी रैगिंग वीक के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को रैगिंग के दुष्परिणामों और इससे संबंधित नियमों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शैलेन्द्र तिवारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इसके बाद डॉ. तरित अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं को रैगिंग के अर्थ और इसके विभिन्न स्वरूपों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से महाविद्यालय परिसर में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने की अपील की।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शैलेन्द्र तिवारी ने रैगिंग के खिलाफ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) तथा सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्धारित नियमों और प्रावधानों को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में रैगिंग किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। विद्यार्थियों को एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना रखते हुए अनुशासित वातावरण बनाए रखना चाहिए।
उन्होंने छात्र-छात्राओं को रैगिंग से संबंधित नियमों का पालन करने तथा किसी भी प्रकार की रैगिंग की घटना सामने आने पर इसकी जानकारी महाविद्यालय प्रशासन को देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को यह संदेश भी दिया गया कि नए विद्यार्थियों के साथ सकारात्मक एवं सहयोगात्मक व्यवहार किया जाए, ताकि महाविद्यालय में भयमुक्त और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल कायम रह सके।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. भावना केसरवानी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शैलेश मालवीय ने किया। इस अवसर पर डॉ. अनिल कुमार सोनकर, डॉ. अजय कुमार, डॉ. नीलम बाजपेई, डॉ. रीता दयाल, डॉ. पवन कुमार, डॉ. रमेश चंद्रा सहित महाविद्यालय के समस्त कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
एंटी रैगिंग डे के माध्यम से महाविद्यालय में विद्यार्थियों को रैगिंग के प्रति जागरूक करने के साथ ही आपसी सम्मान, अनुशासन और स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी रैगिंग के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और महाविद्यालय परिसर को सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण बनाए रखने में सहयोग का संकल्प लिया।




