‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के बाद सामने आई ‘ई20 जनता पार्टी’, इंस्टाग्राम पर मिल रहा जबरदस्त समर्थन,केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग
पेपर लीक के 'कॉकरोच' आंदोलन से प्रेरित 'ई20 जनता पार्टी' सोशल मीडिया पर एथनॉल मिश्रित ई20 ईंधन के खिलाफ तेजी से बढ़ रही है।

नई दिल्ली/एजेंसी। देश में पेपर लीक मुद्दे पर चर्चित रहे ‘कॉकरोच’ आंदोलन के बाद अब एथनॉल मिश्रित ईंधन (ई20) के विरोध में एक नया डिजिटल अभियान तेजी से उभर रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय इस व्यंग्यात्मक समूह ने खुद को ‘ई20 जनता पार्टी’ नाम दिया है, जो कम कीमत पर 100 प्रतिशत शुद्ध ईंधन चुनने की मांग को लेकर चर्चा में है।
बताया जा रहा है कि ‘ई20 जनता पार्टी’ की अवधारणा पहले चर्चित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की तर्ज पर विकसित हुई है, जिसने नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर युवाओं के बीच एकजुटता दिखाई थी। अब इसी तरह का डिजिटल समर्थन ई20 ईंधन के विरोध में भी देखने को मिल रहा है। इंस्टाग्राम पर इस समूह के 2 लाख 20 हजार से अधिक फॉलोअर्स हो चुके हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।
समूह से जुड़े लोग दावा कर रहे हैं कि उपभोक्ताओं को सस्ते दाम पर 100 प्रतिशत शुद्ध ईंधन चुनने का विकल्प मिलना चाहिए। इसके साथ ही केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग भी इस अभियान का हिस्सा बन रही है। हालांकि, केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिना एथनॉल मिश्रण वाले ईंधन पर वापस लौटने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
गौरतलब है कि भारत में वर्तमान में उपलब्ध पेट्रोल को ई20 कहा जाता है, जिसमें 20 प्रतिशत एथनॉल मिलाया जाता है। सरकार इसे पर्यावरण के लिहाज से अधिक स्वच्छ और तकनीकी रूप से उन्नत ईंधन बताती है। वहीं, कुछ उपभोक्ताओं और आलोचकों का दावा है कि ई20 के उपयोग से वाहनों का माइलेज घटता है और इंजन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
सरकार का कहना है कि अब तक किसी भी प्रयोगशाला परीक्षण या व्यावहारिक उपयोग में यह साबित नहीं हुआ है कि ई20 ईंधन से इंजन को नुकसान होता है। हालांकि, यह स्वीकार किया गया है कि ई10 अनुकूल वाहनों में ई20 के उपयोग से माइलेज में हल्की कमी आ सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की डिजिटल सफलता के बाद इस तरह के व्यंग्यात्मक ऑनलाइन आंदोलनों का उभरना नई पीढ़ी की बदलती अभिव्यक्ति शैली को दर्शाता है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया था, जिसे एक अनौपचारिक डिजिटल समूह की बड़ी उपलब्धि माना गया।




