हिंदू रक्षा दल का जिलाध्यक्ष निकला फिरौती कांड का आरोपी, कारोबारी से मांगी थी 50 लाख की रंगदारी
मुजफ्फरनगर में स्क्रैप कारोबारी से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और 9 लाख रुपये वसूलने के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के हिंदू रक्षा दल का युवा जिलाध्यक्ष को गिरफ्तार कर लिया।

मुजफ्फरनगर/उत्तर प्रदेश। मुजफ्फरनगर में स्क्रैप से भरी पिकअप लूटकर कारोबारी से फिल्मी अंदाज में रंगदारी वसूलने वाले गिरोह का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। मामले में गिरफ्तार आरोपी की पहचान हिंदू रक्षा दल के युवा जिलाध्यक्ष हेमंत के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पिकअप चालक और परिचालक को बंधक बनाकर उनके मोबाइल फोन से वाहन मालिक को कॉल कराया और 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। बाद में सौदेबाजी के बाद 9 लाख रुपये लेकर वाहन छोड़ दिया गया। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह का मुख्य सरगना समेत छह से अधिक आरोपी अभी फरार हैं।
पुलिस के अनुसार, 21 जुलाई की सुबह देहरादून से स्क्रैप लेकर दिल्ली जा रही पिकअप को मुजफ्फरनगर हाईवे पर बढ़ेड़ी कट के पास कार और बाइक सवार बदमाशों ने ओवरटेक कर रोक लिया। आरोपियों ने चालक और परिचालक को धमकाते हुए वाहन अपने कब्जे में ले लिया और उन्हें सुनसान स्थान पर ले गए।
बंधक बनाए गए परिचालक के मोबाइल फोन से दिल्ली निवासी पिकअप मालिक जफर को कॉल कराया गया। बदमाशों ने वाहन छोड़ने के बदले 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। काफी देर तक चली बातचीत के बाद सौदा 12 लाख रुपये पर तय हुआ। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पिकअप मालिक को दिल्ली से मुजफ्फरनगर बुलाकर हाईवे किनारे एक ढाबे पर ले गए, जहां उससे 9 लाख रुपये नकद लेने के बाद पिकअप वाहन वापस कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने कई टीमें गठित कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर आरोपी हेमंत को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी हेमंत हिंदू रक्षा दल का युवा जिलाध्यक्ष है। पुलिस के अनुसार, संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गाजियाबाद निवासी पिंकी चौधरी उर्फ भूपेंद्र हैं। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई आरोपी की व्यक्तिगत आपराधिक भूमिका के आधार पर की गई है और जांच उसी दिशा में आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में मुख्य आरोपी सहित छह से अधिक बदमाश अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद गिरोह के पूरे नेटवर्क और वारदात के तरीके का भी खुलासा किया जाएगा।




