राजस्थान में महंगे पेट्रोल के बीच आईओसीएल की लाइन ही ‘घर’ में ले गए चोर, इंजीनियर भी हैरान

राजस्थान के टोंक जिले में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की अंडरग्राउंड पाइपलाइन से तेल चोरी करने के मामले का खुलासा हुआ है। इस हाई-टेक चोरी के प्रयास को जान इंजीनियर भी हैरान हैं। मामले की जांच जारी है।

टोंक/राजस्थान। टोंक जिले में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की भूमिगत पाइपलाइन से तेल चोरी की एक बड़ी और शातिराना साजिश का पर्दाफाश हुआ है। पचेवर थाना क्षेत्र में बदमाशों ने मुख्य पाइपलाइन में सेंध लगाकर तेल निकालने के लिए करीब 40 फीट लंबी अवैध समानांतर पाइपलाइन बिछा दी थी। हालांकि, कंपनी की तकनीकी निगरानी और पुलिस की तत्परता से इस पूरे मामले का समय रहते खुलासा हो गया और बड़ी वारदात टल गई।
मामले की जानकारी तब सामने आई जब 1 जून को पाइपलाइन में अचानक तेल का दबाव कम होने का संकेत आईओसीएल की डिजिटल निगरानी प्रणाली में दर्ज हुआ। इसके बाद कंपनी के अधिकारियों ने सतर्कता बरतते हुए तकनीकी टीम को लगातार पाइपलाइन रूट की जांच में लगा दिया। करीब एक महीने तक चली गहन जांच के बाद 8 जुलाई को पचेवर के लड़ी गांव स्थित एक खेत में संदिग्ध खुदाई के निशान दिखाई दिए, जिससे अधिकारियों को साजिश का शक हुआ।
सूचना मिलने पर 9 जुलाई को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी और डीएसपी आशीष प्रजापत पुलिस बल तथा आईओसीएल के विशेषज्ञों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में जेसीबी से खुदाई शुरू कराई गई, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए। खुदाई के दौरान मुख्य पाइपलाइन में अवैध वाल्व लगा मिला और उससे जुड़ी करीब 40 फीट लंबी सवा इंच मोटी पाइपलाइन जमीन के भीतर लगभग तीन फीट गहराई में दबाई हुई पाई गई।
जांच में सामने आया कि बदमाशों ने बेहद सुनियोजित तरीके से इस पाइपलाइन को छिपाकर बड़े पैमाने पर तेल चोरी की तैयारी कर रखी थी। फिलहाल पाइपलाइन का दूसरा सिरा जमीन के भीतर ही दबा हुआ मिला, जिससे संकेत मिलता है कि आगे इसे और विस्तारित करने की योजना थी।
पुलिस ने मौके पर मौजूद खेत मालिक हरजीलाल बैरवा से पूछताछ की, जिन्होंने घटना की जानकारी होने से इनकार किया। उनका कहना है कि वे खेत से दूर रहते हैं और वहां कम ही जाते हैं, जिसका फायदा उठाकर अज्ञात बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया।
पचेवर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस और आईओसीएल की टीमें अब इस साजिश के पीछे शामिल लोगों, तकनीकी सहयोगियों और मुख्य सरगना की पहचान करने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौके से जुटाए गए साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button