ओडिशा से लखनऊ तक गांजा तस्करी, यूपी एसटीएफ ने किया नेटवर्क का भंडाफोड़

स्कॉर्पियो सहित 40 लाख का गांजा जब्त

लखनऊ/उत्तर प्रदेश। लखनऊ में उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और लखनऊ पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर एक बड़े गांजा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में गिरोह के सरगना शिवम यादव को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसका साथी सूरज सिंह मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने 156.600 किलोग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 39.25 लाख रुपये और स्थानीय बाजार में करीब 40 लाख रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही एक स्कॉर्पियो कार (UP 32 MA 7958) भी जब्त की गई है।
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि एक तस्करी गिरोह आंध्र प्रदेश और ओडिशा से गांजा मंगवाकर लखनऊ, सुलतानपुर, रायबरेली और आसपास के जिलों में इसकी सप्लाई कर रहा है। इस सूचना के आधार पर 3/4 अगस्त की रात को थाना नगराम और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने इंदिरा नहर के पास पटवाखेड़ा मोड़ पर एक काली स्कॉर्पियो गाड़ी को रोका। तलाशी के दौरान गाड़ी से 156.600 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। गाड़ी में गांजा मुर्गी के दाने की बोरियों में छिपाया गया था ताकि पुलिस को भनक न लगे।
पूछताछ में शिवम यादव ने बताया कि वह पिछले दो साल से अपने साथी सूरज सिंह, सुलतानपुर निवासी, के साथ मिलकर गांजा तस्करी का धंधा चला रहा था। वह ओडिशा से 3000 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गांजा मंगवाता था और उसे 4000 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचता था। इस अवैध कमाई से उसने स्कॉर्पियो कार खरीदी थी। पुलिस ने बताया कि शिवम यादव के खिलाफ पहले से ही लखनऊ के पीजीआई थाने में धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है, और वह जेल भी जा चुका है। वहीं, सूरज सिंह के खिलाफ लखनऊ और सुलतानपुर में लूट, धारा 307 (हत्या का प्रयास), और मारपीट के मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार, शिवम यादव का मुर्गी फार्म है, जिसका फायदा उठाकर वह मुर्गी के दाने की बोरियों में गांजा छिपाकर लाता था। यह तरकीब पुलिस को भ्रमित करने के लिए अपनाई गई थी। बरामद स्कॉर्पियो गाड़ी शिवम यादव के नाम पर रजिस्टर्ड है। डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल ने बताया कि पूछताछ में शिवम ने कुछ अन्य लोगों के नाम भी उजागर किए हैं, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीसीपी निपुण अग्रवाल ने कहा कि पुलिस और एसटीएफ इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए काम कर रही है। ओडिशा से लखनऊ तक इस तस्करी गिरोह में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि लखनऊ में छोटे-छोटे पैकेट्स के जरिए गांजा कहां-कहां सप्लाई किया जाता था। फरार सूरज सिंह की तलाश के लिए पुलिस टीमें गठित की गई हैं, और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार करने की योजना है। इस मामले में पुलिस ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार के खिलाफ एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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