यूपी के कौशांबी में टोल बूथ से टक्कर के बाद एलपीजी टैंकर में लगी आग, पांच कर्मचारी गंभीर रूप से झुलसे
कौशांबी के सिहोरी टोल प्लाजा पर टैंकर टकराने से भीषण आग लग गई, जिसने सवा दो घंटे में सब कुछ राख कर दिया। इस अग्निकांड में टोल का प्रशासनिक भवन, मशीनें और कई वाहन जलकर खाक हो गए, जिससे हाईवे पर लंबा जाम लग गया।

सचिन पांडेय/जिला ब्यूरो चीफ।
कौशांबी/उत्तर प्रदेश। शहर में शुक्रवार की सुबह बड़ा हादसा हो गया। कानपुर की तरफ से एक एलपीजी भरा टैंकर गंगा पार की तरफ जा रहा था।करीब साढ़े छह बजे जैसे ही टैंकर कोखराज क्षेत्र के सिरोही टोल प्लाजा के समीप पहुंचा, तभी एलपीजी के लीकेज होने से अचानक उसमें आग लग गई। इससे अनियंत्रित होकर टैंकर एक टोल बूथ में टकरा गया। बूथ में टकराने के कारण उसमें रहे पांच टोलकर्मी आग की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गए, जबकि अन्य करीब आठ-10 टोलकर्मियों ने भागकर अपनी जान बचाई। झुलसे टोलकर्मियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके नाम हीरामणि, आलोक, कृष्ण पाल, अतुल और गनमैन राजू है।
दिल्ली-कोलकाता नेशनल हाईवे पर स्थित सिहोरी टोल प्लाजा पर शुक्रवार की भोर लगी भीषण आग ने महज सवा दो घंटे में पूरे परिसर को राख में तब्दील कर दिया। टैंकर के टोल बूथ से टकराने के बाद लगी आग इतनी भयावह थी कि टोल कर्मियों के वाहन, मशीनें, फर्नीचर और प्रशासनिक भवन तक जलकर खाक हो गए।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 5:45 बजे आग भड़की और देखते ही देखते लपटें टोल बूथ से होते हुए स्टाफ रूम और कंट्रोल रूम तक पहुंच गईं। आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि धुएं का गुबार और लपटें करीब पांच किलोमीटर दूर मूरतगंज तक दिखाई दे रही थीं। सूचना मिलते ही पुलिस ने किसी संभावित विस्फोट की आशंका को देखते हुए कानपुर-प्रयागराज और कानपुर-वाराणसी मार्ग पर बैरीकेडिंग कर यातायात रोक दिया। इसके चलते हाईवे पर करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे लोग भीषण गर्मी में परेशान रहे।
दमकल विभाग की पांच गाड़ियां करीब सवा घंटे की देरी से मौके पर पहुंचीं और सुबह सात बजे के आसपास आग बुझाने का कार्य शुरू किया। लगभग नौ बजे तक कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। इस दौरान पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत, एसडीएम चायल अरुण कुमार, सीओ सिराथू सत्येंद्र तिवारी और कोखराज थाना प्रभारी सीबी मौर्य पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। आग शांत होने के बाद जब अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे तो पूरा टोल प्लाजा खंडहर में तब्दील नजर आया। दो मंजिला प्रशासनिक भवन पूरी तरह ध्वस्त हो चुका था। बाहर खड़े एक चार पहिया वाहन और करीब दो दर्जन बाइकें जलकर राख हो गईं। वहीं जेनरेटर, सीसीटीवी कैमरे, एसी और टोल मशीनें भी पूरी तरह नष्ट हो गईं।
टोल मैनेजर अनूप पांडेय घायलों को इलाज के लिए प्रयागराज ले गए थे, जिसके चलते वास्तविक नुकसान का आकलन नहीं हो सका है। पुलिस का अनुमान है कि इस हादसे में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। तहरीर मिलने के बाद ही सटीक आंकड़ा सामने आ सकेगा।
घटना के दौरान टोल कर्मी सौरभ जान बचाकर भागते हुए सिहोरी गांव तक पहुंचा, जहां ग्रामीणों ने उसे संभाला। स्थानीय लोगों के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि कोई भी पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
इस घटना के चलते कौशांबी के साथ-साथ पड़ोसी जनपद प्रतापगढ़ में भी हलचल मच गई। पुलिस ने समन्वय बनाते हुए विभिन्न मार्गों पर वाहनों को रोका और स्थिति नियंत्रित की। आग बुझने के बाद ही यातायात धीरे-धीरे बहाल किया जा सका। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और टोल प्लाजा की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।





