‘हर-हर महादेव’ के गूंजे जयकारे, इंदिरापुरम से रवाना हुआ कैलाश मानसरोवर यात्रियों का पहला जत्था
कैलाश मानसरोवर यात्रियों का पहला जत्था इंदिरापुरम से रवाना हो गया। रवाना होने से पहले सभी ने पूजा-अर्चना की। 50 में से 47 श्रद्धालु फिट पाए गए।

गाजियाबाद। गाजियाबाद जिले के इंदिरापुरम स्थित कैलाश मानसरोवर भवन सोमवार को शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, भजन-कीर्तन और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 के पहले दल को रवाना किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सुनील शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर यात्रियों को रवाना किया। यात्रा के लिए पंजीकृत 50 श्रद्धालुओं में से 47 मेडिकल जांच में फिट पाए गए और उन्हें लाइजन ऑफिसर, आईटीबीपी जवानों व चिकित्सा दल के साथ एयरपोर्ट के लिए भेजा गया।
कैलाश मानसरोवर भवन परिसर में सुबह से ही उत्साह का माहौल था। श्रद्धालु भगवान शिव के भजनों पर झूमते नजर आए। ‘बम-बम भोले’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा। यात्रा पर निकलने से पहले सभी श्रद्धालुओं ने भवन स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने पहले जत्थे के इन यात्रियों के पांच दिवसीय प्रवास के दौरान विशेष इंतजाम किए थे। यात्रियों को सुरक्षित आवास, सात्विक भोजन, योग और प्राणायाम के जरिए ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए तैयार किया गया। इसके अलावा 24 घंटे चिकित्सा सुविधा, एम्बुलेंस सेवा, आध्यात्मिक साहित्य और यात्रा मार्गदर्शन की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने बताया कि व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की गई, ताकि किसी श्रद्धालु को असुविधा न हो।
यह पहला दल सिक्किम के नाथुला दर्रे के रास्ते कैलाश मानसरोवर के लिए जाएगा। 21 दिन की इस आध्यात्मिक यात्रा में श्रद्धालु कैलाश पर्वत की पवित्र परिक्रमा भी करेंगे। कार्यक्रम में भाजपा के महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, प्रभारी मुख्य अभियंता आलोक रंजन, अधिशासी अभियंता योगेश पटेल और शासन के नोडल अधिकारी एवं संयुक्त सचिव धर्मार्थ कार्य निदेशालय विश्व भूषण मिश्रा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जीडीए की टीम द्वारा उपलब्ध कराई गई व्यवस्थाओं की सराहना की।




