मध्य प्रदेश के सागर में राशन घोटाले का खुलासा, गेहूं की जगह मिट्टी भेजने पर तीन के खिलाफ एफआईआर
सागर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गेहूं की बोरियों में मिट्टी भरकर वेयरहाउस भेजने का बड़ा घोटाला सामने आया है। पुलिस ने हर्षिका स्व सहायता समूह की अध्यक्ष, सचिव और संचालनकर्ता सहित तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, और अधिकारियों को भी नोटिस जारी किए गए हैं।

सागर/मध्य प्रदेश। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े एक बड़े घोटाले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। गेहूं की बोरियों में अनाज के बजाय मिट्टी भरकर वेयरहाउस भेजने के मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने स्व सहायता समूह की अध्यक्ष, सचिव और संचालनकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक की शिकायत पर की गई है।
जानकारी के अनुसार सिरोंजा स्थित हर्षिका स्व सहायता समूह द्वारा करीब 600 बोरियां गेहूं के नाम पर गंभीरिया क्षेत्र के लक्ष्मीनगर स्थित देव प्रभाकर वेयरहाउस भेजी गई थीं। गोदाम में बोरियां रखे जाने के दौरान संदेह होने पर उनकी जांच की गई, जिसमें सामने आया कि कुछ बोरियों में गेहूं की जगह मिट्टी भरी हुई थी। गड़बड़ी उजागर होते ही वेयरहाउस प्रबंधन ने पूरी खेप वापस लौटा दी और संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी।
मामला सामने आने के बाद यह मुद्दा लगातार चर्चा में रहा। मीडिया रिपोर्टों और इंटरनेट मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कलेक्टर प्रतिभा पाल ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए विशेष समिति गठित की थी। जांच समिति की रिपोर्ट में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ।
जांच रिपोर्ट के आधार पर नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक रोहित बघेल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने हर्षिका स्व सहायता समूह की अध्यक्ष बबीता सेन, सचिव नेहा सेन और संचालनकर्ता दीपक सेन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने विभागीय जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। जिला आपूर्ति नियंत्रक ज्योति बघेल, एएसओ निशांत पांडे सहित संबंधित अधिकारियों और एनआरएलएम को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।




