मैदानों की तपती गर्मी से राहत पाने को बनी की ठंडी वादियों में उमड़ी भीड़, सरथल-डग्गर बने टूरिस्टों की पहली पसंद
मैदानी इलाकों की झुलसाने वाली गर्मी से दूर, जम्मू-कश्मीर का बनी क्षेत्र इन दिनों पर्यटकों की पहली पसंद बना है। सरथल, चलाधर और डग्गर जैसे स्थल अपनी शीतल हवाओं, देवदार के जंगलों और बहते झरनों से सबको लुभा रहे हैं।

जम्मू/एजेंसी। मैदानी क्षेत्रों में जहां लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है और भीषण तापमान के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर हैं, वहीं पहाड़ी क्षेत्र बनी के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सरथल, चलाधर और डग्गर इन दिनों शीतल हवाओं और प्राकृतिक सुंदरता के चलते पर्यटकों की पहली पसंद बने हुए हैं। यहां का सुहावना मौसम ऐसा है कि पर्यटक गर्मियों में भी स्वेटर और जैकेट पहनकर वादियों का आनंद लेते नजर आ रहे हैं। बनी की ऊंची पहाड़ियां, घने देवदार के जंगल, बहते झरने, हरे-भरे मैदान और बादलों से घिरी वादियां हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। प्राकृतिक सौंदर्य का यह अद्भुत संगम ऐसा प्रतीत होता है मानो धरती और आसमान एक-दूसरे से संवाद कर रहे हों। गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही इन स्थलों की रौनक और बढ़ गई है और प्रतिदिन सैकड़ों स्थानीय व बाहरी पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं।
रविवार को भी बड़ी संख्या में पर्यटकों की आवाजाही देखी गई। सरथल में युवाओं और परिवारों की भारी भीड़ उमड़ी, जहां कई स्थानों पर पर्यटक डीजे की धुनों पर झूमते नजर आए, वहीं परिवारों ने खुले मैदानों में पिकनिक का आनंद लिया। बच्चों ने प्राकृतिक वातावरण में खेलकूद कर छुट्टियों का भरपूर लुत्फ उठाया। कई पर्यटक बनी से सरथल होते हुए आगे कश्मीर की ओर भी यात्रा कर रहे हैं।
बनी से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित सरथल तक का सफर भी रोमांच से भरपूर है। रास्ते में बहते झरने, घुमावदार सड़कें, धार्मिक स्थल, फिश पॉन्ड और सैवन फाल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। मार्ग में स्थित मंदिर और मस्जिद सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश देते हैं।
वहीं चलाधर, जो बनी-बसोहली मार्ग से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित है, अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं की कमी पर्यटकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। विशेष रूप से पेयजल की समस्या गंभीर बनी हुई है। जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाए जाने के बावजूद कई स्थानों पर पानी की आपूर्ति नहीं हो रही, जिससे पर्यटकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
यही कारण है कि कई पर्यटक चलाधर के बजाय सरथल और डग्गर का रुख करना अधिक पसंद कर रहे हैं। राजस्थान से आए पर्यटकों कुलदीप सिंह, हरदीप सिंह और संदीप कुमार ने कहा कि यह क्षेत्र कश्मीर के गुलमर्ग से कम नहीं है, लेकिन यहां होटल और अन्य सुविधाओं का अभाव है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएं तो यह क्षेत्र प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है और इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
इन दिनों स्थानीय स्कूलों के विद्यार्थी भी शिक्षकों के साथ यहां पिकनिक मनाने पहुंच रहे हैं। प्राकृतिक वातावरण में समय बिताकर बच्चे पर्यावरण संरक्षण का महत्व भी समझ रहे हैं। एसडीएम बनी संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि बड़ी संख्या में पर्यटक क्षेत्र में पहुंच रहे हैं और सरथल व छात्रगला में सुरक्षा के लिए सेना की चौकियां तैनात हैं। साथ ही सड़क मार्ग की स्थिति भी बेहतर है। प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर बनी के ये पर्यटन स्थल न केवल लोगों को गर्मी से राहत दे रहे हैं, बल्कि जम्मू-कश्मीर के पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान भी बना रहे हैं। यदि सरकार यहां आधारभूत सुविधाओं का और विकास करे तो यह क्षेत्र भविष्य में देशभर के पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण बन सकता है।




