मुरादाबाद पुलिस को मृत ग्रामीण से शांति भंग का खतरा, मजिस्ट्रेट ने पकड़ी गलती, दरोगा पर लटकी तलवार
मुरादाबाद के पाकबड़ा थाने की ऐसी कारस्तानी सामने आई है, जिसने हलचल मचा दी है। मृत ग्रामीण से शांति भंग का खतरा बताते हुए पुलिस ने मुचलका पाबंद कर दिया।

मुरादाबाद/उत्तर प्रदेश। मुरादाबाद जिले के थाना पाकबड़ा की लापरवाही एसडीएम कोर्ट में पकड़ी गई है। दो साल पहले जिस ग्रामीण नरेश की मौत हो चुकी, पुलिस ने उससे अभी दो माह पहले मार्च 2026 में शांति भंग का खतरा जता दिया गया। इतना ही नहीं उसका मुचलका पांबद कर चेतावनी जारी करते हुए एसडीएम कोर्ट में रिपोर्ट भी भेज दी। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार एसडीएम कोर्ट ने नोटिस जारी कर नरेश को अपने समक्ष पेश होने का आदेश दे दिया। सुनवाई के दौरान जब नरेश को कोर्ट में पेश होने के लिए पुकारा गया, तब उसके परिजनों ने एसडीएम को बताया कि नरेश की दो साल पहले बीमारी से हो चुकी है।
पुलिस की इस लापावाही का खुलासा सोमवार को हुआ। दरअसल, मरादाबाद जिले के पाकबड़ा की नई बस्ती निवासी निवासी दिनेश और सदन के परिवार में था। पाकबड़ा थाने के दरोगा विनीत कुमार ने दोनों पक्षों के चार-चार लोगों एक पक्ष से मृत दिनेश, उसकी पत्नी पूनम, भाई नरेश और नरेश की पत्नी रज्जो और दूसरे पक्ष के सदन, उसकी पत्नी मंजू, बेटी जाह्नवी, सोनू की पत्नी साक्षी से शांति भंग की आशंका जताते हुए रिपोर्ट एसडीएम कोर्ट में भेज दी। इनता ही नहीं दरोगा ने मौके पर जाकर सभी आरोपियों के बयान लेने का दावा रिकार्ड में किया।
रिपोर्ट में दरोगा ने लिखा कि 28 मार्च 2026 को मौके पर जाकर जांच की और सभी के बयान दर्ज किए। पता चला कि दोनों पक्षों में आए दिन विवाद रहता है। शांति को खतरा बना हुआ है। दरोगा की इस रिपोर्ट को थाना प्रभारी ने भी चेक नहीं किया। अपनी संस्तुति के साथ रिपोर्ट लगाकर कोर्ट में भेज दी। एसडीएम कोर्ट में सोमवार को इस मामले में सभी आरोपियों की पेश होने का आदेश दिया। एक पक्ष ने दिनेश और उसकी पत्नी, भाई, रज्जो (मर चके नरेश की पत्नी) पेश हुए। कोर्ट में बारी-बारी से सभी को पेश होने की आवाज लगाई। नरेश को पेश होने की आवाज अर्दली ने लगाई तो उसकी पत्नी रज्जो ने एसडीएम कोर्ट को बताया कि उनके पति की दो साल पहले मौत हो चुकी हैं। पुलिस ने उनसे शांति भंग होने का खतरा 26 मार्च 2026 को दिखाते हुए रिपोर्ट पेश की हैं।
कोर्ट में रज्जो की बात सुनकर सन्नाटा छा गया। इसके बाद कोर्ट ने थाना पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट मांगी है। मुरादाबाद के एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि मामले जांच कराकर रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी जाएगी। मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, मुचलका पाबंद एक प्रकार का कानूनी शपथ पत्र और गारंटी होती है। इसके जरिए व्यक्ति भविष्य में शांति बनाए रखने और कोर्ट में पेश होने का वचन देता है। मुचलका तोड़ने की स्थिति में एक धनराशि तय की जाती है। अगर कोई व्यक्ति मुचलका पाबंद की अवधि में किसी विवाद या शांति भंग के मामले में नामजद होता है तो उसे वह राशि कोर्ट को चुकानी पड़ती है।




