अतिरिक्त सिलेंडर तुरंत करें सरेंडर, एक घर में अब केवल एक ही एलपीजी कनेक्शन मान्य, सरकार 1 जून से करने जा रही सख्ती

केंद्र सरकार ने 1 जून से 'एक घर, एक एलपीजी कनेक्शन' नियम लागू करने का फैसला किया है। उपभोक्ताओं को अतिरिक्त कनेक्शन तुरंत सरेंडर करने होंगे, अन्यथा गैस आपूर्ति रोकी जा सकती है।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गैस कंट्रोल ऑर्डर में संशोधन करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब एक ही घर में केवल एक एलपीजी कनेक्शन रखना वैध होगा। एक से अधिक एलपीजी कनेक्शन रखना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस नियम को लेकर एक जून से सख्त कार्रवाई शुरू की जाएगी।
भारतीय तेल कंपनियों—एचपीसीएल, इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम—ने संयुक्त रूप से जारी सार्वजनिक सूचना में उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन तुरंत सरेंडर कर दें, अन्यथा गैस आपूर्ति बंद की जा सकती है। नए नियमों के अनुसार, एक परिवार जिसमें पति, पत्नी, विवाहित बच्चे और आश्रित माता-पिता शामिल हैं, यदि एक ही रसोई का उपयोग करते हैं तो उनके नाम पर केवल एक एलपीजी कनेक्शन ही मान्य होगा। अतिरिक्त कनेक्शन पाए जाने पर गैस सप्लाई रोक दी जाएगी और तब तक बहाल नहीं होगी जब तक सभी अतिरिक्त कनेक्शन सरेंडर नहीं किए जाते।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि उपभोक्ता अतिरिक्त कनेक्शन सरेंडर करने के बाद केवल एक कनेक्शन रखते हैं, तो उसे डबल बॉटल कनेक्शन (डीबीसी) में परिवर्तित कराया जा सकता है। इसके अलावा, जिन उपभोक्ताओं के पास पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन उपलब्ध है, उन्हें अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना अनिवार्य होगा। 25 मई 2026 के संशोधन के अनुसार, पीएनजी कनेक्शन लेने के 30 दिनों के भीतर एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। हालांकि, उपभोक्ता चाहें तो ट्रांसफर वाउचर प्राप्त कर सकते हैं, जिससे भविष्य में पीएनजी सुविधा न होने वाले क्षेत्र में एलपीजी कनेक्शन पुनः सक्रिय कराया जा सकेगा।
सरकार के इस फैसले का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों तक नए एलपीजी कनेक्शन पहुंचाना, सब्सिडी वाले सिलेंडरों के दुरुपयोग और ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगाना तथा पीएनजी जैसे स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना है। तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और अपने डिस्ट्रीब्यूटर से संपर्क कर अतिरिक्त कनेक्शन सरेंडर करने की प्रक्रिया पूरी करें। यह प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से भी उपलब्ध है।

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