बनारस के करोड़पति साहित्यकार एसएन खंडेलवाल का वृद्धाश्रम में निधन
400 पुस्तकों के लेखक एसएन खंडेलवाल को कंधा देने तक नहीं आए बच्चे
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- बच्चों ने छीन ली थी 80 करोड़ की संपत्ति, वृद्धाश्रम में रह रहे थे
- सूचना देने पर भी बच्चे अंतिम संस्कार करने नहीं पहुंचे
- सामाजिक कार्यकर्ता अमन कबीर ने कराया अंतिम संस्कार
वाराणसी/उत्तर प्रदेश। वाराणसी के रहने वाले साहित्यकार श्रीनाथ खंडेलवाल का शनिवार की सुबह निधन हो गया। 81 साल की उम्र में उन्होंने एक प्राइवेट हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। श्रीनाथ खंडेलवाल ने करीब 400 किताबें लिखीं और अनुवाद किया था और 80 करोड़ की संपत्ति के मालिक थे। बच्चों की दुत्कार के चलते वे लंबे समय से सारनाथ स्थित काशी कुष्ट सेवा संघ वृद्धाश्रम आश्रम में रह रहे थे।
25 दिसंबर को उन्हें सीने में जकड़न और सांस लेने में दिक्कत होने पर अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। सामाजिक कार्यकर्ता अमन कबीर द्वारा उनके निधन की सूचना दिए जाने के बाद भी उनका उनका बेटा और बेटी अंतिम संस्कार करने नहीं आए। अमन कबीर ने अपनी टीम के साथ कंधा देकर श्रीनाथ खंडेलवाल के शव को सराय मोहाना घाट पहुंचाया। यहां अमन ने उनका विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया। पिंडदान की क्रिया की पूरी करवाई।
बता दें कि कुछ माह पूर्व श्रीनाथ खंडेलवाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में उन्होंने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया था कि 80 करोड़ की जायदाद छीन कर बच्चों ने घर से निकाल दिया, जिससे वृद्धाश्रम में रहना पड़ रहा है। आश्रम में रहने के दौरान वे नरसिंह पुराण की एक किताब का हिन्दी अनुवाद कर रहे थे, जो पूरा नहीं हो सका।



