11 साल में ही जर्जर हुए पीएम आवास योजना के फ्लैट, लोनी की आसरा योजना में बुनियादी सुविधा तक नदारद

लोनी की आसरा कॉलोनी में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने फ्लैट 11 साल में ही जर्जर हो गए हैं। निवासी घटिया निर्माण सामग्री, साफ-सफाई, बिजली-पानी और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में डर के साए में जी रहे हैं।
लोनी/गाजियाबाद। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले जरूरतमंद लोगों के लिए लोनी के गढ़ी सबलू गांव के पास 11 वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आसरा योजना काॅलोनी का निर्माण कराया गया। यहां रहने वालों का कहना है कि यहां रह रहे 250 से अधिक परिवार डर के साए में जीने को मजबूर है। साफ सफाई बिजली पानी आदि बुनियादी सुविधाओं के साथ साथ कमजोर निर्माण के कारण निवासियों की सुरक्षा खतरे में है। आरोप है कि शिकायत के बाद भी कोई अधिकारी सुध नहीं ले रहे हैं।
गढ़ी सबलू गांव के पास 2014-15 में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों के लिए प्रदेश सरकार ने आसरा आवास सोसायटी का निर्माण किया गया था। सोसायटी में 17 करोड़ रुपये की लागत से करीब 336 फ्लैट्स बने थे। इनमें आठ वर्षों से करीब 250 परिवार जीवन यापन कर रहे है। आरोप है कि भवन बनाते समय ठेकेदार ने घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग किया था।
जहरीले जीव जंतुओं के काटने का भय
इसके चलते महज दस वर्ष में ही सोसायटी के फ्लैट् जर्जर हो चुके है। सोसायटी के दीवारों पर लगा प्लास्टर झड़कर गिर गया है। दीवारों में ईंट दिखने लगी है। कई फ्लैटों के छज्जे टूट कर गिर गए हैं। वर्षा के दिनों में डर से लोगों को नींद नहीं आती। साफ-सफाई के अभाव में परिसर में झाड़ियां उग आई है। आस पास खेतों के बीच में होने से बरसात के समय जहरीले जीव जंतु निकलते रहते है। लोगों को इन जहरीले जीव जंतुओं के काटने का भय सताता रहता है।
बिजली के पैनल खराब हो जाने से खुले में बिजली के तार जमीन पर पड़े हैं। लोगों का कहना है कि ट्रांसफार्मर के फुंकने पर पीने की पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है। मुख्य गेट व चार दीवारी नीचे होने व मुख्य गेट टूट जाने से सोसायटी परिसर में असामाजिक तत्वों का आना जाना लगा रहता है। जिससे महिलाएं अपने आपको असुरक्षित महसूस करती है। वहीं गलियों में लगी स्ट्रीट लाइट नहीं है जो हैं वह देखरेख के अभाव में कई माह से बंद पड़ी हुई है।



