न चारा खाएगा, न जंजीर में बंधेगा, कानपुर के इस्कॉन मंदिर पहुंचा एक्ट्रेस श्रिया सरन का ‘स्पेशल’ गजराज

पेटा इंडिया और अभिनेत्री श्रिया सरन ने कानपुर के इस्कॉन मंदिर को उत्तर भारत का पहला मशीनी हाथी ‘गजराज’ भेंट किया है। यह पहल धार्मिक आयोजनों में जीवित हाथियों के उपयोग को समाप्त कर पशु कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है।
कानपुर/उत्तर प्रदेश। सामाजिक पशु हाथी जंगल में अपने परिवार के साथ खुशनुमा जीवन जी सकता है। अगर हाथी जैसे विशाल पशु को अपने मतलब के लिए बांधा या कैद किया जाता है तो ये उन बेजुबान के साथ होने वाली नाइंसाफी है। इस बात पर जोर देते हुए पीपल फार द एथिकल ट्रीटमेंट आफ एनिमल्स इंडिया (पेटा) ने मशीनी हाथी उन जगहों पर भेजने का सोचा जहां-जहां हाथियों की जरूरत लोगों को पड़ती है। इसमें धार्मिक संस्थान, सर्कस और विभिन्न जगहें सम्मिलित हैं। उत्तर भारत को पहला मशीनी हाथी उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर में स्थित इस्कॉन मंदिर को पेटा इंडिया और साउथ एक्ट्रेस श्रिया सरन की ओर से भेंट किया गया है।
पेटा ऐसी संस्था है जो जानवरों की सुरक्षा के लिए कई बड़े कदम उठा चुकी है। अब हाथियों को जंगल में आजाद छोड़ने के लिए मशीनी हाथी का उपयोग किया जा रहा है। उत्तर भारत में पहला मशीनी हाथी देने में श्रिया सरन ने सहयोग दिया और कानपुर में मशीनी हाथी के उद्घाटन समारोह में कानपुर इस्कॉनमंदिर के लिए एक संदेश भी भेजा है। रबर, फाइबर, धातु, जाली, फोम, स्टील से बना यह मशीनी हाथी 3 मीटर ऊंचे और 500 किलोग्राम का होता है। यह मशीनी हाथी बिल्कुल असली हाथी जैसा दिखता है जो सिर हिलाता है, कान और आंखें चलाता है, पूंछ हिलाता है, सूंढ उठाकर पानी का छिड़काव भी करता है। पैरों में पहिए लगाने की वजह से हाथी इधर से उधर ले जाया सकता है। मशीनी हाथी पर एक सीट लगाकर उसकी सवारी भी की जा सकती है। इस हाथी को बिजली से जोड़कर आसानी से चलाया जा सकता है। पेटा इंडिया के मुताबिक, पशु हमारे मनोरंजन का साधन नहीं हैं, इसलिए उन्हें वहां रहने दिया जाए जहां वे सुरक्षित महसूस करते हैं। बाकी अगर हमारी जरूरते हैं तो उनकी जगह कुछ ऐसी चीजों का विकल्प सोचा जा सकता है और ऐसे ही मशीनी हाथी विकल्प है।
श्रिया सरन ने दिया कानपुर इस्कॉन मंदिर को संदेश
साउथ इंडियन सिनेमा की फेमस एक्ट्रेस श्रिया सरन ने कानपुर इस्कॉन मंदिर के नाम एक संदेश भी भेजा। उन्होंने कहा, ‘मुझे पेटा इंडिया के साथ मिलकर इस्कॉन कानपुर को गजराज भेंट करते हुए बहुत खुशी हो रही है। यह मशीनी हाथी मंदिर को पुरानी परंपराओं को जारी रखने में मदद करेगा, साथ ही हाथियों को जो भगवान गणेश के पृथ्वी पर प्रतिनिधि हैं, उनके प्राकृतिक आवास में फलने-फूलने का अवसर देगा। यह पहल मेरे लिए विशेष महत्व रखती है, क्योंकि यह उत्तर प्रदेश राज्य का पहला मशीनी हाथी होगा।’
इस्कॉन कानपुर के अध्यक्ष प्रेम हरिनाम प्रभु ने कहा, ‘भगवद् गीता में श्रीकृष्ण कहते हैं कि सच्चा भक्त सभी जीवित प्राणियों का दयालु मित्र होता है। सच्ची भक्ति करुणा के बिना संभव नहीं है। यह पहल हमें हमारे मंदिर की शोभायात्राओं की आध्यात्मिक भव्यता को बनाए रखने की अनुमति देती है, साथ ही यह सुनिश्चित करती है कि किसी भी जीवित प्राणी को तनाव या कैद का सामना ना करना पड़े।’
30 अप्रैल को शहर के मैनावती मार्ग पर स्थित इस्कॉन मंदिर में मशीनी हाथी के उद्घाटन में पेटा इंडिया के उज्जवल ने कहा, ‘अपने स्वार्थ और कमाई के लिए लोग जानवरों का इस्तेमाल विभिन्न चीजों में करते हैं। यह बहुत दुख की बात है कि उन्हें बेजुबान का दर्द दिखाई नहीं देता। इसलिए पेटा से जितना हो सकेगा पशुओं पर होने वाले अत्याचारों को इसी तरह विकल्प देते हुए रोकेगे। फिलहाल हाथियों पर शोभायात्रा निकालने वालों के लिए हमने मशीनी हाथी का विकल्प निकाला है, एक्ट्रेस श्रिया सरन के सहयोग ने हमने उत्तर भारत का पहला मशीनी हाथी कानपुर इस्कॉन मंदिर को भेंट किया और मैं इस्कॉनका आभारी हूं कि उन्होंने हमारा यह विकल्प अपनाया है।’



