नोएडा में अब कूड़े से जलेगा घर का चूल्हा, रसोई तक पहुंचेगा कचरे से बना ‘ग्रीन फ्यूल’,आईजीएल के साथ समझौता

नोएडा प्राधिकरण और इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने 300 टीडीपी क्षमता वाले कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट की स्थापना के लिए समझौता किया है। यह प्लांट जैविक कचरे से स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खाद बनाएगा, जिससे शहर में कचरा प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी।
नोएडा। सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन की दिशा में नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को प्राधिकरण कार्यालय पर इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) के साथ प्रतिदिन 300 टीडीपी क्षमता वाले कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट (सीबीजी) की स्थापना के लिए लेटर आफ इंटेंट साइन किया।
इस समझौते के दौरान नोएडा प्राधिकरण सीईओ कृष्णा करुणेश और आईजीएल कंपनी के बिजनेस डेवलपमेंट, कॉरपोरेट स्ट्रैटेजी और गैस सोर्सिंग कार्यकारी निदेशक संजीव कुमार भाटिया की मौजूदगी में औपचारिक रूप दिया गया। बता दें कि यह परियोजना भारत सरकार की सतत योजना के तहत विकसित की जाएगी, जिसका उद्देश्य पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ ईंधन को बढ़ावा देना है।
प्रस्तावित सीबीजी प्लांट में शहर के ऑर्गेनिक कचरे को प्रोसेस कर कम्प्रेस्ड बायो गैस तैयार की जाएगी, जिसका उपयोग वाहन ईंधन के रूप में किया जा सकेगा। इसके साथ ही बायो-मैन्योर (जैविक खाद) भी एक महत्वपूर्ण उप-उत्पाद के रूप में तैयार होगा।
इस प्रोजेक्ट से लैंडफिल साइट्स पर निर्भरता कम होगी, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आएगी और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा। नोएडा प्राधिकरण सीईओ कृष्णाा करुणेश ने बताया कि यह पहल शहर को सस्टेनेबल और जीरो-वेस्ट सिटी बनाने के विजन के अनुरूप है।
प्राधिकरण प्रोजेक्ट के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराएगी और प्लांट के संचालन के लिए अलग किए गए ऑर्गेनिक कचरे की सप्लाई सुनिश्चित करेगी। इंड्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के संजीव कुमार भाटिया ने बताया कि देश की प्रमुख सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी है, इस प्रोजेक्ट का विकास खुद या अपने अधिकृत पार्टनर्स के जरिए करेगी। कंपनी अपने क्लीन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर के अनुभव का लाभ इस प्रोजेक्ट में देगी। यह प्रोजेक्ट नोएडा के ठोस कचरा प्रबंधन सिस्टम को मजबूत करेगा और देश के नवीकरणीय ऊर्जा व पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को हासिल करने में अहम भूमिका अदा करेगा।




