पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान, 4 मई को घोषित होंगे नतीजे

नई दिल्ली/एजेंसी। भारत निर्वाचन आयोग आज रविवार, 15 मार्च को पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आज शाम 4 बजे नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तारीखों का एलान किया। इस साल 2026 में पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में चुनाव होने हैं।
चुनाव आयोग ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में पांच राज्यों की 824 सीटों के लिए तारीखों का एलान कर दिया है। 4 मई को सभी विधानसभा चुनावों के नतीजे घोषित किए जाएंगे।
इसके अलावा चुनाव आयोग ने बताया कि असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव कराने के लिए लगभग 25 लाख चुनाव अधिकारियों को तैनात किया जाएगा। इन कर्मियों में मतदान कर्मचारी, सुरक्षा बल और प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे, जो चुनाव प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं को संभालने और यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगे कि मतदान स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो।
चुनाव आयोग ने कहा कि चुनाव वाले पाँच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 2.19 लाख से ज़्यादा मतदान केंद्र बनाए जाएँगे। अधिकारियों ने बताया कि मतदाताओं के लिए मतदान को सुलभ और सुचारू बनाने के लिए व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। मतदान केंद्रों की यह बड़ी संख्या, अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में होने वाली इस चुनावी प्रक्रिया के विशाल पैमाने को दर्शाती है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को कहा कि भारत निर्वाचन आयोग, मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी को मज़बूत करने के लिए, 2026 के विधानसभा चुनावों के दौरान चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की सुविधा उपलब्ध कराएगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को कहा कि चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले चुनावों को 20 से ज़्यादा देशों के चुनाव आयोगों के प्रतिनिधि भी देखेंगे। इन प्रतिनिधियों को भारत में चुनावों के “उत्सवपूर्ण, पारदर्शी और कुशल” संचालन को देखने के लिए आमंत्रित किया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को पाँच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के पैमाने के बारे में बताया, और इस पूरी प्रक्रिया को “चुनावों का त्योहार” कहा। एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए कुमार ने कहा कि इन चुनावों में 824 विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 17.4 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे, जिससे यह देश की सबसे बड़ी चुनावी प्रक्रियाओं में से एक बन जाएगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को कहा कि आने वाले विधानसभा चुनावों में सभी के लिए पहुँच और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर इंतज़ाम किए जाएँगे। साथ ही, उन्होंने मतदाताओं की विविधतापूर्ण प्रोफ़ाइल पर भी रोशनी डाली।
कुमार ने कहा, “आपको हमारे मतदाताओं की श्रेणियों का अंदाज़ा देने के लिए बता दूँ कि असम, केरल, यहाँ तक कि पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में हमारे पास 100 साल से ज़्यादा उम्र के, यानी शतायु मतदाता भी हैं। 85 साल से ज़्यादा उम्र के मतदाताओं की संख्या भी अच्छी-खासी है… कुल मिलाकर 2.18 लाख पोलिंग स्टेशन बनाए जाएँगे। इनमें से ज़्यादातर ग्रामीण इलाकों में होंगे। हर मतदाता के लिए औसत संख्या 750 से 850 के बीच होगी, और किसी भी हाल में यह 900 से ज़्यादा नहीं होगी। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाए जाएँगे। कुछ पोलिंग स्टेशन खास तौर पर महिलाओं द्वारा संचालित होंगे। सभी पोलिंग स्टेशनों पर 100% वेबकास्टिंग की जाएगी। और कुछ पोलिंग स्टेशन हमारे दिव्यांग भाई-बहनों द्वारा भी संचालित किए जाएँगे।”





