कानपुर में थाने के पास अष्टधातु की मूर्तियां चोरी, 10 लाख आंकी गई कीमत, मामले में तीन गिरफ्तार

कानपुर/उत्तर प्रदेश। कानपुर से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। कानपुर में शातिर चोरों ने थाने के पास से दिनदहाड़े नकदी और अष्टधातु की मूर्तियों को चोरी कर लिया। मामला पुलिस थाने के सामने का है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। मामले में दो शातिर चोरों के साथ ही माल खरीदने वाले को गिरफ्तार किया गया है। चोरी की गई मूर्तियों की कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई जा रही है। डीसीपी साउथ ने घटना का खुलासा किया है।
कानपुर पुलिस के अनुसार, मामले में पकड़ा गया चोर मूलरूप से रेउना थाना क्षेत्र के दरौली गांव निवासी विवेक दीक्षित है। वहीं, दूसरा आरोपी उजनेड़ी गांव निवासी शिवप्रसाद है। दोनों आरोपी हनुमंत विहार थाना क्षेत्र में किराया का कमरा लेकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। इसके साथ ही चोरी का माल खरीदने वाले कानपुर देहात के गजनेर निवासी अनिल कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अष्टधातु की मूर्तियों और बर्तन समेत लगभग 10 लाख का माल, बाइक बरामद की है।
डीसीपी साउथ रविंद्रनाथ चौधरी ने बताया कि न्यू आजाद नगर के भीम चौराहा निवासी सुजीत साहू की नौबस्ता थाने के बगल में बर्तन की दुकान है। पिछले चार मार्च को सुजीत साहू के पिता राजकुमार साहू सुबह 11:30 बजे दुकान बंद करके आराम करने चले गए थे। जब दोपहर 2 बजे वह दुकान पहुंचे तो सारा सामान बिखरा पड़ा हुआ था। दुकान का गुल्लक खाली पड़ा हुआ था।
राजकुमार ने घटना की जानकारी फोन पर बेटे को दी। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों को खंगाला तो पाया कि एक बिना नंबर की बाइक आकर रुकी। पीछे से त्रिशूल नचाते हुए उसका साथी सिर पर गमछा बांधे हुए था। पांच मिनट में चार दरवाजों की कुंडी खोलकर गुल्लक में रखे 25 हजार रुपये और प्लास्टिक की बोरी में बर्तन, छह अष्टधातु की मूर्तियां भर कर ले गए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तीन टीमों को आरोपियों की तलाश में लगाया था।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर विवेक और शिवप्रसाद को हंसपुर से गिरफ्तार कर लिया। वहीं, दुकानदार अनिल को उसके घर से अरेस्ट कर लिया गया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने राधा कृष्ण की मूर्ति समेत पांच मूर्तियां, पीतल के बर्तन, सिंहासन, दीपक समेत अन्य सामान बरामद किया। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

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