खामेनेई की मौत पर अजमेर में 72 घंटे का शोक घोषित, दौराई और तारागढ़ दरगाह में हुई सभाएं

अजमेर/राजस्थान। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई की शहादत की खबर के बाद राजस्थान के शिया समुदाय में गहरा शोक व्याप्त है। इस दुखद घड़ी में राजस्थान शिया मुस्लिम महासभा ने पूरे प्रदेश के शिया समुदाय के लिए तीन दिवसीय आधिकारिक शोक की घोषणा की है।
महासभा के महासचिव सैय्यद आसिफ अली ने इस शहादत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि अयातुल्ला खामेनेई का जाना संपूर्ण इस्लामी जगत और विशेष रूप से शिया समुदाय के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने समुदाय के लोगों से आह्वान किया कि वे अगले तीन दिनों तक सादगी अपनाएं और किसी भी प्रकार के जश्न या खुशी के कार्यक्रमों से दूर रहकर अपनी संवेदनाएं प्रकट करें।
अजमेर की दरगाहों में जुटी भीड़, दुआओं का दौर
धार्मिक नगरी अजमेर में इस घटना का गहरा असर देखा गया। शहीद अयातुल्ला खामेनेई की याद में और उनकी आत्मा की शांति के लिए शहर के प्रमुख स्थानों पर शोक सभाएं आयोजित की गईं-
दौराई स्थित दरगाह हजरत अब्बास: यहां बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग एकत्रित हुए। लोगों ने नम आंखों से दुआएं मांगीं और शहादत पर अपना दुख व्यक्त किया।
तारागढ़ दरगाह शरीफ: ऐतिहासिक तारागढ़ स्थित दरगाह में भी विशेष शोक सभा रखी गई, जहां अयातुल्ला के जीवन और उनके संघर्षों को याद किया गया।
शोक सभा को संबोधित करते हुए मौलाना सैय्यद काजिम अली जैदी ने इस घटना को ‘इस्लामी जगत के लिए एक बड़ा आघात’ करार दिया। उन्होंने कहा कि अयातुल्ला खामेनेई की शहादत प्रतिरोध और सिद्धांतों की रक्षा के लिए दी गई एक महान कुर्बानी है। समुदाय के लोगों ने एकजुट होकर इस संकट की घड़ी में धैर्य बनाए रखने और शहीद के दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। राजस्थान के अन्य शहरों में भी इस घोषणा के बाद शिया समुदाय के लोग गमगीन हैं और धार्मिक स्थलों पर विशेष प्रार्थनाओं का सिलसिला जारी है।

Shia Mourning Over Khamenei Death | Ajmer Community Urges No Festivities

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button