जम्मू से कश्मीर कनेक्ट करेगी वंदे भारत, ऊधमपुर पूरी तरह डिस्कनेक्ट
नाराज जनता ने रेलवे से की पुनर्विचार की अपील

ऊधमपुर/जम्मू। जम्मू से कश्मीर को हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी देने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस का जम्मू से श्रीनगर के बीच परिचालन फिलहाल अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है, लेकिन इस बीच एक बड़ा सवाल उधमपुर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण इस जिले को ट्रेन के निर्धारित शेड्यूल में ठहराव न मिलने से लोग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं और रेलवे के फैसले पर तीखी नाराजगी जताई जा रही है। लोगों ने ऊधमपुर में स्टापेज देने के लिए रेलवे से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है। कटड़ा रेलवे स्टेशन शुरू होने से पहले तक उधमपुर उत्तर भारत का अंतिम रेलवे स्टेशन माना जाता था। यही नहीं, जिले का रणनीतिक महत्व भी अत्यंत बड़ा है, क्योंकि यहां सेना की उत्तरी कमान मुख्यालय, बीएसएफ का सहायक प्रशिक्षण केंद्र, आईटीबीपी, सीआरपीएफ तथा शेर-ए-कश्मीर पुलिस अकादमी जैसे महत्वपूर्ण संस्थान स्थित हैं।
रेलवे ने हाल ही में एक मार्च से जम्मू से श्रीनगर तक वंदे भारत ट्रेन चलाने की घोषणा की थी। जिसके लिए गत दिवस ट्रायल रन भी किया गया, मगर बुधवार को रेलवे ने परिचालन स्वीकृतियों और अन्य कारणों से फिलहाल स्थगित कर दिया गया।
हालांकि रेलवे ने इस ट्रेन का जो तय शेड्यूल जारी किया है। उसमें ट्रेन का मुख्य ठहराव जम्मू तवी, श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा, रियासी, बनिहाल और श्रीनगर में रखा गया था, जबकि क्रांसिंग और तकनीकी हाल्टेज बजालता और रामनगर स्टेशनों पर में दिए गए हैं।
मगर इसी रूट पर स्थित जिला मुख्यालय ऊधमपुर के सामरिक महत्व रखने वाले रेलवे स्टेशन पर इस अहम ट्रेन के स्टापेज नहीं दिया गया है। ऊधमपुर जिला और यहां लोगों की उपेक्षा किए जाने से स्थानीय स्तर पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
लोगों का कहना है कि जब वंदे भारत का जम्मू से लेकर श्रीनगर तक विभिन्न इलाकों के लोगों को फायदा मिलेगा, मगर ऊधमपुर के लोग इससे वंचित रहेंगे। क्योंकि ऊधमपुर के लोगों यात्रियों को श्रीनगर जाने के लिए जम्मू या कटड़ा तक जाना पड़ेगा, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ेंगे। इतना ही नहीं ट्रेन का स्टापेज न होने पर्यटक भी ऊधमपुर नहीं आएंगे। जिससे यहां का होटल व अन्य कारोबार प्रभावित होगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे ने बजालता और रामनगर में हाल्ट दिए हैं। यदि रेलवे चाहे तो रामनगर रेलवे स्टेशन वाले हाल्ट को हटा कर ऊधमपुर रेलवे स्टेशन पर मात्र दो मिनट का ठहराव देकर ऊधमपुर के लोगों के साथ पर्यटकों को बड़ी राहत दी जा सकती है और इससे ट्रेन संचालन पर कोई खास प्रभाव भी नहीं पड़ेगा। व्यापारिक और सामाजिक संगठनों ने रेलवे से इस फैसले पर पुनर्विचार करते हुए उधमपुर में वंदे भारत का ठहराव देने की मांग उठाई है।




