धुम्मा गोडरी नदी में रेत का अवैध खनन, प्रशासन की भूमिका पर सवाल

- रातभर सक्रिय रेत माफिया, ट्रैक्टरों से नदी का दोहन
- पुलिस और खनिज विभाग की शिथिलता से ग्रामीणों में आक्रोश
- नदी का अस्तित्व संकट में, नागरिकों ने मांगी सख्त कार्रवाई
अनूपपुर/मध्य प्रदेश। जिले के भालूमाड़ा थाना एवं फुनगा चौकी क्षेत्र अंतर्गत धुम्मा गोडरी नदी में अवैध रेत उत्खनन का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि रेत माफिया रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक सक्रिय रहते हैं और ट्रैक्टरों के माध्यम से नदी से रेत निकालकर विभिन्न स्थानों तक पहुंचाते हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रातभर ट्रैक्टरों की आवाजाही होती है और प्रशासन की शिथिल कार्यप्रणाली के कारण रेत चोरों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो नदी का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है।
जानकारी मिली है कि रेत माफिया प्रशासन से एक कदम आगे रहते हुए रणनीति के तहत काम करते हैं। नदी से मुख्य सड़क तक आने वाले तिराहों और रास्तों पर उनके लोग निगरानी में तैनात रहते हैं। किसी भी आशंका की स्थिति में ट्रैक्टर मौके से फरार हो जाते हैं।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि रात्रि गश्त बढ़ाई जाए और अवैध खनन पर तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।




