‘घर में चुटकी आटा नहीं’, बुलंदशहर में आर्थिक तंगी से परेशान शुगर मिल कामगार ने दे दी जान

बुलंदशहर/उत्तर प्रदेश। बुलंदशहर जिले के औरंगाबाद क्षेत्र स्थित भंडोरिया गांव की अनामिका शुगर मिल में कामदार पद पर कार्यरत मजदूर शरीफ अल्वी द्वारा मिल प्रबंधन की प्रताड़ना और गरीबी से तंग आकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पीड़ित परिवार ने बताया कि मिल के अधिकारी नीरज उज्ज्वल किसानों को दी गई दवा का भुगतान शरीफ अल्वी से मांग रहे थे और न देने पर नौकरी से निकालने की धमकी दे रहे थे। मृतक के बेटे शाहनवाज ने बताया कि पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला, जिससे घर में आटा तक नहीं था। उनका आरोप है कि अगर मिल द्वारा लगातार प्रताड़ना न की जाती, तो शरीफ अल्वी आज जीवित होते।
कहा कि शरीफ अल्वी की मृत्यु मिल प्रबंधन के शोषण और आकंठ भ्रष्टाचार का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों पर किसानों को दवा बेचने का लाखों रुपये का टारगेट थोपना न केवल शर्मनाक, बल्कि नियम विरुद्ध है। सीओ प्रखर पांडेय ने बताया कि घरवालों से शिकायत ले ली गई है। परिवार की सभी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। परिवार के साथ पूरा न्याय होगा।
वहीं, अनामिका अगौता शुगर मिल के चेयरमैन जितेंद्र सिंह ने बताया कि आत्महत्या मामले में मिल मैनेजमेंट का कोई दोष नहीं। फिर भी हमारी सहानुभूति पीड़ित परिवार के साथ है। जितनी मदद हो सकेगी, वह की जाएगी।
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर और फेसबुक हैंडल से औरंगाबाद के गांव भंडोरिया निवासी शरीफ अल्वी की गरीबी से आत्महत्या का मामला उठाया। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक पेज से लिखा कि “मेरे घर पर आटा भी नहीं है” आर्थिक तंगी से जूझ रहे मोहम्मद शरीफ ने ये बात सुसाइड नोट में लिखी और अपनी जान दे दी। ये घटना बताती है कि देश के लोग किन मुश्किल हालातों में गुजारा कर रहे हैं। उनकी बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं हो रहीं।

Bulandshahr News,'घर में चुटकी आटा नहीं', बुलंदशहर में आर्थिक तंगी से परेशान  शुगर मिल कामगार ने दे दी जान - troubled by financial crisis sugar mill  worker in bulandshahr committed ...

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