पालघर जिले के वसई-विरार में हितेंद्र ठाकुर की पार्टी बहुजन विकास अघाड़ी ने किया क्लीन स्वीप
वसई विरार नगर निगम वार्ड 27 से लोकप्रिय उम्मीदवार सुनील मोरेश्वर अचोलकर भारी बहुमत से हुए निर्वाचित

कांती जाधव/महाराष्ट्र ब्यूरो। महाराष्ट्र में जहां भाजपा अधिकांश महानगरपालिकाओं में क्लीन स्वीप करती दिख रही है, वहीं वसई-विरार में तस्वीर बिल्कुल उलट रही। यहां हितेंद्र ठाकुर की अगुवाई वाली बहुजन विकास आघाडी ने भाजपा की तमाम रणनीतियों को नाकाम कर दिया। जहां पूरे महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की लहर दिखाई दे रही है, वहीं मुंबई के करीब पालघर जिले के वसई-विरार में एक अलग ही सियासी कहानी लिखी गई है। यहां न तो भाजपा की रणनीति काम आई और न ही बड़े दलों का प्रभाव, यहां केवल ‘सीटी’ बजी। स्थानीय दिग्गज नेता हितेंद्र ठाकुर की पार्टी बहुजन विकास आघाडी (बीवीए) ने प्रचंड बहुमत हासिल करते हुए एक बार फिर अपना अभेद्य किला फतह कर लिया है।
वसई-विरार महानगरपालिका (नगर निगम) की 115 सीटों के लिए हुई मतगणना के परिणामों ने सबको चौंका दिया है। सत्ता के लिए जादुई आंकड़ा 58 था, जिसे पार करते हुए हितेंद्र ठाकुर की बहुजन विकास आघाडी ने 71 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की। जहां ‘सीटी’ चुनाव चिन्ह वाली बीवीए को स्पष्ट बहुमत मिला, वहीं भाजपा 43 सीटों पर सिमट गई। इसके अलावा शिवसेना (एकनाथ शिंदे) की झोली में एक सीट आई और कांग्रेस, उद्धव ठाकरे की शिवसेना, एनसीपी समेत अन्य सभी दलों का सूपड़ा साफ हो गया। आज की जीत के साथ वसई-विरार महानगरपालिका पर बहुजन विकास आघाड़ी की सत्ता बरकरार रही है। हितेंद्र ठाकुर महाराष्ट्र की सियासत में खासकर पालघर और वसई-विरार क्षेत्र के ‘किंगमेकर’ माने जाते हैं। उन्होंने साल 2009 में अपनी पार्टी बहुजन विकास अघाड़ी (बीवीए) बनाई।
बहुजन विकास अघाड़ी के लोकप्रिय उम्मीदवार सुनील मोरेश्वर अचोलकर वार्ड 27 से भारी बहुमत से विजयी हुए। इसके साथ ही उन्होंने एक अन्य वार्ड से भी जीत दर्ज की, जहां वे पूर्व में पार्षद रह चुके थे और इस बार वहां कोई अन्य उम्मीदवार मैदान में नहीं था। सुनील अचोलकर उन गिने-चुने जनप्रतिनिधियों में से हैं, जिन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर भी लोगों को पानी, अस्पताल और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई हैं। उनकी जनसेवा और सरल स्वभाव ने उन्हें जनता के बीच विशेष स्थान दिलाया है।
जनता ने इस नेक व्यक्ति को अपना प्रतिनिधि चुना और रविवार, 18 जनवरी 2026 को आयोजित उनकी विजय रैली में भारी संख्या में लोग शामिल हुए। रैली ने वसई विरार में उत्सव का माहौल बना दिया और बहुजन विकास अघाड़ी के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया।




