दुनिया के किसी भी युद्धपोत से 100 गुना ताकतवर, ट्रंप का समुद्र पर राज का नया प्लान

वॉशिंगटन/एजेंसी। अमेरिका ने अपनी नेवी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके लिए दो शक्तिशाली बैटलशिप बनाने की योजना को मंजूरी दी है। ट्रंप ने सोमवार को फ्लोरिडा में इसका ऐलान करते हुए कहा कि ये नए जंगी जहाज सबसे तेज, सबसे बड़े और अब तक बने किसी भी बैटलशिप से 100 गुना ज्यादा ताकतवर होंगे। नई श्रेणी के इन महाशक्तिशाली नौसैनिक युद्धपोतों को ‘ट्रम्प क्लास’ नाम दिया गया है।
अमेरिका के ये युद्धपोत नई नौसैनिक आधुनिकीकरण पहल ‘गोल्डन फ्लीट’ का हिस्सा है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इन जहाजों का उद्देश्य अमेरिकी नौसेना के पुराने बेड़े को बदलते हुए अपनी सैन्य श्रेष्ठता बनाए रखना है। ट्रंप ने रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और विदेश सचिव मार्को रुबियो की मौजूदगी में कहा कि ये जहाज दुनियाभर में अमेरिका के दुश्मनों में डर पैदा करेंगे।
‘ट्रम्प-क्लास’ बैटलशिप भारी हथियारों से लैस युद्धपोतों का एक नया क्लास होगा, जो गोल्डन फ्लीट का हिस्सा बनेगा। इस प्रोग्राम में शुरू में दो जहाज होंगे। इसके बाद में इस संख्या को आठ और फिर 20-25 जहाजों तक बढ़ाए जाने के संकेत अमेरिकी अफसरों ने दिए हैं। इसमें पहले जहाज का नाम यूएसएस डेफिएंट रखा जाएगा।
इन नए बैटलशिप की खासियत की बात करें तो इनके बेहद ताकतवर होने का दावा डोनाल्ड ट्रंप ने खुद किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा है कि ये अब तक बने किसी युद्धपोत से 100 गुना ज्यादा शक्तिशाली होने जा रहे हैं। इन जहाजों का वजन 30,000 टन से ज्यादा होगा यानी ये मौजूदा युद्धपोतों से काफी बड़े होंगे।
अमेरिकी नौसेना सचिव जॉन फेलन के मुताबिक, ‘नए बैटलशिप में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी होगी, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डायरेक्टेड एनर्जी लेजर शामिल है। यह पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ परमाणु हथियारो से लैस होंगे। इसमें समुद्र से लॉन्च की जाने वाली क्रूज मिसाइलें भी शामिल हैं। खास बात यह है कि ये जहाज AI-नियंत्रित होंगे।
बैटलशिप के लॉन्च की घोषणा करते हुए ट्रम्प ने कहा, हमारे देश ने 1994 के बाद से बैटलशिप नहीं बनाई है। अब हम अत्याधुनिक जहाजों पर काम करेंगे। हम समझते हैं कि ये जहाज आने वाले वर्षों में उत्पादित होने वाले जहाजों की एक पूरी नई श्रेणी के होंगे। मौजूदा अमेरिकी विमान वाहक पोतों को गोल्डन फ्लीट पहल के तहत अपग्रेड किया जाएगा।
डोनाल्ड ट्रंप की जहाज बनाने की यह घोषणा कैरेबियाई सागर में अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों के बीच आई है। वॉशिंगटन ने हाल में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर दबाव बढ़ाया है। इसमें देश के तेल निर्यात को बाधित करने के प्रयास शामिल हैं। अमेरिकी नौसेना क्षेत्र में तेल टैंकरों को सीज कर रही है।
अमेरिका के अंदर से हालिया वर्षों में समुद्र में चीन की बढ़ती ताकत को लेकर भी चिंता जताई जाती रही है। ऐसे में चीन का मुकाबला करना भी अमेरिका के नए जंगी जहाज बनाने की योजना के पीछे निश्चित रूप से माना जा रहा है। अमेरिकी एक्सपर्ट ये कहते रहे हैं कि चीन एक बड़ी सैन्य चुनौती बन रहा है।

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