दिल्ली में ड्रग सप्लायर कुसुम का नेटवर्क ध्वस्त, बेटा-बेटियों के बाद भाई और साथी भी गिरफ्तार

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली ब्यूरो। सुल्तानपुरी से फरार ड्रग सप्लायर कुसुम के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके भाई हरिओम और एक सहयोगी सनी को बाहरी जिला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अब तक पुलिस ने दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उसकी करीब 20 करोड़ रुपये मूल्य की 14 प्राॅपर्टी जब्त की हैं।
इससे पहले पुलिस कुसुम के बेटे और दो बेटियों को गिरफ्तार कर चुकी है। हालांकि कुसुम अभी भी फरार है। दिल्ली पुलिस लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही वह कुसुम को भी पकड़ लेगी। बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि जांच जारी है और अन्य संपत्तियों का भी पता लगाया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक हरिओम बुलंदशहर का रहने वाला है और कुसुम का मुख्य सलाहकार एवं आर्थिक सहयोगी था। उसने ड्रग्स से कमाए गए पैसों को रियल एस्टेट में इन्वेस्ट करने में कुसुम की मदद की ताकि धन के अवैध स्रोत को छिपाया जा सके।
वहीं, सनी पर नेटवर्क में स्मैक सप्लाई करने और नकदी संभालने का आरोप है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि हाल में जब्त की गई 14 संपत्तियों में दिल्ली के सुल्तानपुरी और रोहिणी व उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर और अलीगढ़ में स्थित छह प्लाॅट और मकान शामिल हैं। इससे पहले दिल्ली में करीब चार करोड़ रुपये की आठ संपत्तियां जब्त की जा चुकी थीं।
पुलिस के अनुसार, हरिओम मार्च में सुल्तानपुरी में कुसुम के घर पर हुई छापेमारी के बाद से फरार था। उस कार्रवाई में कुसुम के बेटे अमित को गिरफ्तार किया गया था, जबकि वहां से 550 पैकेट हेरोइन, ट्रामाडोल टैबलेट्स, 14 लाख रुपये नकद और एक स्कार्पियो एसयूवी बरामद की गई थी।
एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि हरिओम गिरफ्तारी से बचने के लिए बुलंदशहर में लगातार ठिकाने बदलता रहा। वह ही कुसुम को जमीन खरीदने की सलाह देता था और ड्रग्स के पैसों को ठिकाने लगाने में प्रमुख भूमिका निभाता था। वहीं, सनी ड्रग्स की डिलीवरी और नकदी को कई बैंक खातों में जमा कराने का काम करता था। पुलिस ने बताया कि जब्त की गई सभी 14 प्रापर्टी ड्रग्स तस्करी से अर्जित धन से खरीदी गईं।
कुसुम सुल्तानपुरी की संकरी गलियों में स्थित एक किला नुमा घर से अपना कारोबार चलाती थी। बाहर से चार साधारण मकानों जैसे दिखने वाले घर को अंदर से एक घर बनाया हुआ था, मजबूत दरवाजे, स्टील की रेलिंग, और स्लिट खिड़कियां थीं। बालकनी से रस्सियों के सहारे हेरोइन के पैकेट नीचे पेडलरों तक पहुंचाए जाते थे, जबकि नाबालिग लड़के गलियों पर नजर रखते थे।
पूरे इलाके पर निगरानी रखने के लिए 17 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। गौरतलब है कि कुसुम पर एडीपीएस एक्ट के तहत दर्जनों मामले दर्ज हैं। वह फिलहाल फरार है। उसकी बेटियां अनुराधा और दीपा को पहले ही मकोका के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है। इनकी बेटियों के बैंक खाते में 18 महीनों में करीब दो करोड़ रुपये भेजे गए थे।

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