मानवता की मिसाल: हिन्दू भाइयों ने मुस्लिम समुदाय को शव दफनाने के लिए दान की लाखों की जमीन

आजमगढ़/उत्तर प्रदेश। आजमगढ़ के सगड़ी विधानसभा क्षेत्र स्थित रामनगर गांव में पांच हिंदू भाइयों ने आपसी सौहार्द और इंसानियत की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जो पूरे प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के लिए प्रेरणा बन गई है। इन भाइयों ने लगभग 30 लाख रुपये मूल्य की जमीन मुस्लिम समुदाय को कब्रिस्तान के लिए दान कर दी है।
यह जमीन हाजीपुर गांव के पास स्थित है, जहां अब तक मुस्लिम समुदाय के पास शवों के दफन के लिए कोई स्थायी भूमि नहीं थी। समुदाय के लोग हर बार रसूलपुर गांव के कब्रिस्तान में अनुमति लेकर शवों को दफनाने के लिए मजबूर थे।
इसे देखते हुए रामनगर निवासी राकेश सिंह, अखिलेश सिंह, सुधाकर सिंह, दिनेश सिंह और ओंकार सिंह ने मिलकर यह सराहनीय फैसला लिया। जब हाजीपुर निवासी मुनव्वर अहमद ने राकेश सिंह को इस समस्या से अवगत कराया, तो उन्होंने अपने भाइयों से विचार-विमर्श कर यह मानवीय निर्णय लिया।
मुनव्वर अहमद ने कहा कि हमारे पास खुद की कोई जमीन नहीं थी, हर बार शवों के दफन के लिए अनुमति मांगनी पड़ती थी। राकेश सिंह ने जब हमारी परेशानी सुनी, तो तुरंत समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया और भाइयों से वार्ता कर यह कदम उठाया।
राकेश सिंह और उनकी पत्नी मालती सिंह, जो अपना दल (एस) से जुड़े हुए हैं, स्थानीय राजनीति में सक्रिय हैं। मालती सिंह सगड़ी विधानसभा क्षेत्र में पार्टी की एक मजबूत नेता मानी जाती हैं।
हालांकि, कुछ लोगों ने इस कदम को राजनीति से जोड़ने की कोशिश की, लेकिन राकेश सिंह ने कहा कि हम नहीं चाहते कि इस नेक काम को किसी राजनीतिक चश्मे से देखा जाए। यह सिर्फ और सिर्फ इंसानियत और भाईचारे का मामला है। इस घटना ने साबित कर दिया कि धर्म से ऊपर इंसानियत होती है, और जब समाज के लोग एक-दूसरे का हाथ थामते हैं, तो हर मुश्किल आसान हो जाती है।





