फतेहपुर के जिला अस्पताल में आयुष्मान कार्डधारक से आपरेशन में वसूले पांच हजार हजार
ऑपरेशन के नाम पर मांगी गई रिश्वत, सीएमएस ने दिए जांच के आदेश

फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। जिला अस्पताल में अवैध वसूली की जड़ें बहुत गहरी हैं। इसे उखाड़ फेंकना जिम्मेदारों के लिए बड़ी चुनौती है। एक्सरे, अल्ट्रासाउंड अनुभाग में कर्मचारी जांच करने में वसूली करने का आरोप घिरते रहें हैं। इसके अलावा ओटी का अवैध वसूली से पुराना नाता रहा है। यहां कई बार किरकिरी होने के बाद मरीजों का पैसा भी वापस किया जा चुका है, इसके बाद भी भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
ताजा मामला अयुष्मान कार्डधारक से वसूली का उजागर हुआ है। पीरनपुर के रहने वाले विद्यासागर द्विवेदी ने मेडिकल कालेज के प्राचार्य को शिकायती पत्र देकर बताया कि 8 सितबंर को प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी स्वाती जिला महिला अस्पताल के लेबररूम पहुंचे।
डाक्टर सोनिका साहू ने आपरेशन करने की सलाह देकर ओटी भेजा। ओटी टेक्नीशियन विनोद ने आपरेशन के नाम पर सात हजार रुपये रिश्वत मांगी। जब आयुष्मान कार्ड दिखाया तो दो हजार रुपये कम किए। गर्भवती को लेबर पेन अधिक होने की वजह से टेक्नीशियन विनोद के कहने पर लेबररूम की इंचार्ज अनीता ने पांच हजार रुपये की रिश्वत ली, इसके बाद आपरेशन किया गया।
इसके बाद आयुष्मान वार्ड में भर्ती करने के लिए वार्ड प्रभारी प्रियंका त्रिपाठी ने 1500 रुपये मांगे। हालांकि काफी नोकझोंक होने के बाद पैसा नहीं दिया। मामले की लिखित शिकायत प्राचार्य से प्रसूता के पति विद्यासागर ने किया है।




