सुपरवाइजर ने वेतन के बदल गार्ड से मांगी घूस, नौकरी से निकाला तो शुरू किया धरना

Supervisor demanded bribe from guard in lieu of salary, when he was fired from job he started a sit-in protest

  • सुपरवाइजर पर सिक्योरिटी गार्ड से रिश्वत मांगने का आरोप
  • रिश्वत नहीं देने पर नौकरी से निकालने का आरोप

कैमूर/बिहार। दुर्गावती थाना क्षेत्र के एनएच2 टोल प्लाजा पर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी से जुड़ा एक विवाद सामने आया है। दो गार्ड्स का आरोप है कि उनके सुपरवाइजर ने नौकरी जारी रखने के लिए रिश्वत मांगी। पैसे नहीं देने पर उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। इस मामले में एक ऑडियो क्लिप भी वायरल हो रही है, जिसमें कथित तौर पर रिश्वत की मांग की बातचीत सुनाई दे रही है। हालांकि, इस ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं हो पाई है। नौकरी से निकाले गए गार्ड्स टोल प्लाजा पर धरने पर बैठ गए हैं। सुपरवाइजर ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
सुपरवाइजर पर रिश्वत मांगने का आरोप
दुर्गावती थाने के पास एनएच2 पर स्थित टोल प्लाजा पर काम करने वाले दो सिक्योरिटी गार्ड, रविकांत सिंह और एक अन्य, ने अपने सुपरवाइजर रामानुज शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रविकांत सिंह ने बताया कि वे दोनों पिछले 6 सालों से एपीएस सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड में गार्ड के रूप में काम कर रहे थे।
उनका आरोप है कि दो महीने पहले सुपरवाइजर रामानुज शर्मा ने उनसे निजी काम के लिए 50,000 उधार लिए थे। अब वो उनसे 5,000 और मांग रहे थे। जब उन्होंने पुराने पैसे वापस मांगे तो उन्हें बिना किसी नोटिस के नौकरी से निकाल दिया गया।
रविकांत सिंह का दावा है कि उनके पास एक ऑडियो क्लिप है, जिसमें रामानुज शर्मा उनसे पैसे मांग रहे हैं। हालांकि, इस ऑडियो क्लिप की सत्यता की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है। नौकरी गंवाने के बाद दोनों गार्ड्स टोल प्लाजा पर धरने पर बैठ गए हैं। उनकी मांग है कि उन्हें नौकरी वापस दी जाए और सुपरवाइजर के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
आरोपों को बताया जा रहा झूठ
इस पूरे मामले में एपीएस सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड के सुपरवाइजर रामानुज शर्मा का कहना कुछ और है। उन्होंने सभी आरोपों को झूठा बताया है। उनका कहना है, ‘कभी आज तक ना मैंने पैसा लिया है ना मांग हुआ है। अगर कोई बोल रहा है तो अफवाह होगा।’ उन्होंने यह भी कहा कि गार्ड्स को क्यों निकाला गया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। यह फैसला ऊपर के अधिकारी लेते हैं। उन्होंने खुद को सिर्फ एक कर्मचारी बताया है।
इस घटना से नौकरी के नाम पर रिश्वतखोरी जैसे गंभीर मुद्दे पर फिर से बहस छिड़ गई है। चाहे सरकारी क्षेत्र हो या प्राइवेट, आए दिन ऐसे मामले सामने आते रहते हैं, जहां नौकरी के बदले पैसे मांगे जाते हैं। नौकरी न मिलने का डर लोगों को मजबूरन पैसे देने के लिए प्रेरित करता है। इस मामले में आगे की जांच से ही सच्चाई सामने आ पाएगी। फिलहाल, दोनों गार्ड्स अपने हक़ के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं और टोल प्लाजा पर धरने पर बैठे हैं। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि कैसे रिश्वतखोरी आम लोगों की जिंदगी को प्रभावित करती है।
रविकांत सिंह ने बताया, ‘हम पिछले 6 वर्ष से एपीएस सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड में गार्ड के पद पर कार्य करते थे। हमारे सुपरवाइजर रामानुज शर्मा के द्वारा 2 माह पहले निजी कार्य के लिए 50000 हम लोगों से लिए और पुनः 5000 की मांग करने लगे। हम लोगों ने जब कहा कि हमारा पिछला पैसा दीजिए तो पैसा देने के बजाय बिना कोई जानकारी के हमें नौकरी से ही निकाल दिए। पैसे मांगने का ऑडियो क्लिप भी हमारे पास है।’ रामानुज शर्मा ने कहा, ‘कभी आज तक ना मैंने पैसा लिया है ना मांग हुआ है। अगर कोई बोल रहा है तो अफवाह होगा। उन लोगों को क्यों निकाला गया है यह ऊपर के अधिकारी जानेंगे। मैं भी एक स्टाफ हूं।’

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button