आवारा जानवरों के सामने ‘बेबस’ दिल्ली का सरकारी सिस्टम

दिल्ली में सड़कों पर आवारा जानवरों का आतंक

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली ब्यूरो। राजधानी दिल्ली में आवारा पशुओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। यहां हर इलाके से यह समस्या सामने आ रही है। आवारा पशु रोड पर घूमते रहते हैं, लेकिन इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। सड़क पर घूमते ये अवारा पशु कब किसकी जिंदगी पर आफत बन जाए कुछ पता नहीं। इन जानवरों के हमले से अभी तक कई लोगों की जान जा चुकी है। लोग अपनी गायों को सड़क पर छोड़ देते हैं और शाम के वक्त अपने मुनाफे के लिए दूध निकाल कर फिर सड़कों पर घुमने के लिए छोड़ देते हैं। बता दें कि, इन आवारा पशुओं की वजह से आए दिन सड़क दुर्घटनाएं भी होती है। इसके बाद भी नगर निगम प्रशासन इसकी तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है सड़क पर मस्ती में घूमते आवारा पशुओं को देखकर तो ऐसा ही लगता है जैसे प्रशासन इस समस्या को लेकर सुस्त बैठा है। अभी हाल ही मैं एक घटना का वीडियो आया था जो कि लाल क्वार्टर कृष्णा नगर विधानसभा का था। जिसमें एक बुजुर्ग पर पर दो गायों ने अचानक हमला कर दिया। ऐसी घटना कभी भी कहीं भी हो सकती है जहां रोड पर डेयरी फार्म वाले सभी लोग अपनी गायों को सड़क पर छोड़ देते है।
नंद नगरी के ब्लॉक सी-3 मस्जिद के सामने अंडर पास पर न जाने कितनी गाय रोड पर बैठी और खड़ी रहती है। जहां लोग उनके लिए चारा और खाना भी डाल देते है। जोकि नहीं डालना चाहिए , दिल्ली सरकार ने भी इसके लिए नोटिस जारी किया था के खुले में रोड पर पशुओं को चारा न डाला जाए। पशु वही खाते है और वही पर गाय मल मूत्र और गोबर भी करती है। जिसकी वजह से रोड पर फिसलन भी होती है और गंदगी भी। रोड पर किसी आते जाते किसी दुपहिया वाहन से टक्कर भी लगने का डर रहता है और कोई पशु टक्कर न मार दे ये भी डर होता है। इसी तरह का हाल 212 बस स्टैंड के पास पेट्रोल पंप के सामने का भी रहता है। जिसकी वजह से लोगों को काफी असुविधा होती है। नंद नगरी मंडल और पार्षद महोदय से निवेदन है कि किसी अनहोनी के होने से पहले इस पर संज्ञान लेते हुए इन पशुओं को वहां से हटवाने का कार्य करे। सड़कों पर आवारा पशुओं के जमा होने से यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इस समस्या के मूल में डेयरी मालिक हैं जो दूध निकालने के बाद गायों को सड़कों पर छोड़ देते हैं।
इन आवारा पशुओं की वजह से कई लोगों की मौत भी हो चुकी है और कई लोग इन पशुओं की टक्कर से घायल भी हुए है। जब ये पशु सड़क पर डेरा जमा लेते हैं तो लंबा जाम लग जाता है। ये पशु सड़क पर तो होते ही हैं इसके साथ ये पशु गली मोहल्ले में भी अपना कब्जा कर लेते हैं। जिसकी वजह से बच्चों से लेकर बुजुर्ग घर से बाहर निकलने में डरते हैं। अब ऐसे में इस समस्या हल कौन करेगा।अधिकारियों और प्रशासन को अवगत कराने के बाद पश्चात भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। शायद वह किसी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं।

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