आईपीएस श्रद्धा नरेंद्र पांडेय को योगी सरकार में मिली कानपुर देहात की जिम्मेदारी

कानपुर/उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में जिम्मेदार, ईमानदार और तेजतर्रार छवि के अधिकारियों को नई-नई जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। इसी क्रम में एक बार फिर यूपी में 8 आईपीएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी दी गई है। इसमें सबसे अहम नाम आईपीएस श्रद्धा नरेंद्र पांडेय का है। उन्हें कानपुर देहात का पुलिस अधीक्षक (एसपी) बना दिया गया है। श्रद्धा पांडेय की गिनती तेज तर्रार महिला आईपीएस अधिकारियों में होती है।
आईपीएस श्रद्धा नरेंद्र पांडेय मौजूदा समय में सेनानायनक 38वीं वाहिनी पीएसी अलीगढ़ की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। अब उन्हें कानपुर देहात की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें पहली बार किसी जिले की कमान सौंपी गई है। उनका यह नया कार्यभार उनके शानदार प्रशासनिक अनुभव और लगातार मेहनत का परिणाम है। श्रद्धा पांडेय 2017 बैच की आईपीएस अधिकारी है। उनका जन्म 1 जून 1986 में हुआ था। मुम्बई की रहने वाली श्रद्धा पांडेय के पिता का नाम नरेंद्र राममूर्ति पांडेय है। श्रद्धा पांडेय अपने पिता का नाम भी अपने नाम के साथ लिखती हैं। श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने बायोटेक्नोलॉजी से एमटेक किया है। इसके बाद उन्होंने बीमा और आईसीएलएस में काम किया था, लेकिन मन में एक प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश की सेवा करने की इच्छा थी। उन्होंने 2011 में संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय चौथी रैंक हासिल की थी, लेकिन दृष्टि में एक छोटे से दोष के कारण मेडिकल राउंड को पास नहीं कर सकी थीं। श्रद्धा पांडेय को सिविल सर्विसेज में सफलता पाने के लिए 3 साल और आईपीएस तक पहुंचने में 2 साल का समय लग गया। उन्हें 15 अगस्त 2020 को डीजी कमेंडेशन डिस्क सिल्वर से सम्मनित किया जा चुका है।




