पालघर जिले के विरार में रएक इमारत ढहने से 17 की मौत, 9 लोग गंभीर रूप से घायल
साई दत्ता बिल्डर्स एंड डिवेलपर्स का मालिक निट्टल गोपीनाथ साने गिरफ्तार

कांती जाधव/महाराष्ट्र राज्य ब्यूरो। मुंबई के पास पालघर में हुए विरार बिल्डिंग हादसे ने हर किसी को हिलाकर रख दिया। विरार पूर्व में एक रिहायशी इमारत गिर गई। हादसे में अब तक 17 शव मलबे से निकाले जा चुके हैं। जबकि 9 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसा रामबाई अपार्टमेंट का एक हिस्सा गिरने के बाद हुआ। अभी भी रेस्क्यू कार्य जारी है। मलबे में और लोगों के निकलने की आशंका है। जब यह हादसा हुआ, तब इमारत की चौथी मंजिल पर जन्मदिन की पार्टी चल रही थी। एक बच्ची का पहला जन्मदिन था। उसकी भी अपने परिवार समेत इस हादसे में मौत हो गई है।
बचाव दल दो दिनों से लगातार जीवित लोगों की तलाश कर रहा है लेकिन निकल रही हैं तो सिर्फ लाशें। महाराष्ट्र के पालघर जिले में आने वाला विरार मुंबई महानगर क्षेत्र का हिस्सा है। यहां हाल बीते वर्षों से इमारत गिरने की कई घटनाएं हुई हैं। इमारतों की निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। इस घटना के बाद पुलिस ने इमारत बनाने वाले बिल्डर को गिरफ्तार कर लिया है।
इस इमारत की चौथी मंदिर पर जोविल परिवार रहता था। 25 साल के ओंकार और 23 साल का आरोही बहुत खुश थे। उनकी बेटी का उत्कर्षा जोविल का पहला जन्मदिन था। ओंकार और आरोही ने बेटी के पहले बर्थ डे को यादगार बनाने के लिए घर पर पार्टी रखी थी। रिश्तेदार और दोस्त एकत्र हुए थे। बेटी ने कैंडल बुझाई और केक काटा। जन्मदिन की पार्टी में खुशियां छाई थीं लेकिन एक ही पल में यह मातम में बदल गई।
बिल्डिंग भरभराकर गिर गई। जहां तुम जियो हजारों साल बज रहा था, वहां जिंदगी बचाने के लिए चीख-पुकार मची थी। बिल्डिंग हादसे ने मासूम उत्कर्षा की जान ले ली। उसकी मां आरोही की भी मौत हो गई। पिता की तलाश मलबे में जारी है। सूत्रों की मानें तो अब ओंकार के भी जिंदा बचने की गुंजाइश नहीं है। मुंबई और पालघर की एनडीआरएफ टीमें मलबे में रेस्क्यू कार्य कर रही हैं। एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडर प्रमोद सिंह ने कहा कि जब हम आधी रात के आसपास पहुंचे, तो हमने मलबे से चार लोगों को निकाला, जिनमें से एक छोटी बच्ची थी। यह वही बच्ची थी, जिसका बर्थडे था। मलबे से उसकी मां को भी निकाला गया। उसकी सांस चल रही थी लेकिन अस्पताल पहुंचने तक उन्होंने भी दम तोड़ दिया। उसके अलावा 13 और शव निकाले गए।
रेस्क्यू के काम के लिए आसपास की इमारतों को खाली कराया गया। भारी मशीनरी लाई गई। रात भर हाथों से मलबा हटाने का काम किया गया ताकि और नुकसान न हो। एहतियात के तौर पर आसपास की चॉल और इमारतों को खाली करा लिया गया है। कटर मशीन लगाई गई। स्नीफर डॉग्स भी सर्च अभियान में लगाए गए।
अफसरों ने बताया कि लोगों ने चेतावनी को अनदेखा किया। इमारत को 2012-13 में अवैध रूप से बनाया गया था। इसे वसई विरार सिटी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (वीवीसीएमसी) ने नोटिस भी जारी किए थे। यह बिल्डिंग अवैध तो थी ही, साथ ही असुरक्षित भी थी। लेकिन निवासियों का आरोप है कि डिवेलपर ने नोटिस पर ध्यान नहीं दिया। तुकाराम शिंदे ने बताया कि वह 13 साल से रामबाई अपार्टमेंट में रह रहे थे। डिवेलपर को नागरिक निकाय से तीन नोटिस मिले, लेकिन कुछ नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि पिछले हफ्ते एक सीढ़ी भी गिरी थी। बिल्डर को चेतावनी दी गई थी कि इमारत गिर सकती है। लेकिन इसे अनदेखा कर दिया गया।
विरार पुलिस ने पुष्टि की है कि उन्होंने साई दत्ता बिल्डर्स एंड डिवेलपर्स के मालिक, 47 वर्षीय निट्टल गोपीनाथ साने को गिरफ्तार किया है। इसी बिल्डर ने इस बिल्डिंग को बनाया था। उसके खिलाफ महाराष्ट्र क्षेत्रीय और टाउन प्लानिंग (एमआरटीपी) अधिनियम, 1966 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत केस दर्ज किया गया है।




