मीरा रोड में सेक्स रैकेट का भड़ाफोड़, देह व्यापार के दलदल में धकेलने वाली ‘माही’ गिरफ्तार, दो लड़कियों को छुड़ाया
Sex racket busted in Mira Road, 'Mahi' who pushed girls into prostitution arrested, two girls rescued

मुंबई/एजेंसी। मीरा रोड में पुलिस ने एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने ‘माही’ नाम की एक महिला को गिरफ्तार किया है। यह महिला देह व्यापार के दलदल में लड़कियों को धकेलती थी। ‘माही’ मोबाइल से ग्राहकों से बात करती थी। वह व्हाट्सएप पर लड़कियों की फोटो भेजती थी। फिर पैसे लेकर उनका वेश्यावृत्ति के लिए शोषण करती थी। पुलिस ने दो पीड़ित लड़कियों को भी छुड़ाया है। मीरा-भाईंदर पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने यह कार्रवाई की।
पुलिस के मुताबिक, मीरा-भाईंदर में एक महिला लड़कियों से देह व्यापार करवाती है। पुलिस को इसकी खबर मिली। गोपनीय जानकारी मिलने के बाद अनैतिक मानव तस्करी रोकथाम प्रकोष्ठ ने कानूनी प्रक्रिया पूरी की और नकली ग्राहकों की मौजूदगी में जाल बिछाया। आरोपी महिला ‘माही’ के अनुसार, लड़कियों को बालाजी होटल ग्रीन एवेन्यू बिल्डिंग, ओम शांति चौक, मीरा रोड पूर्व में ग्राहकों को उपलब्ध कराया जाता था।
दोपहर में छापेमारी के दौरान पता चला कि खुशी उर्फ माही अरविंद रागोर (उम्र 27) ने दो पीड़ित लड़कियों को वेश्यावृत्ति के लिए भेजा था। इस सौदे के बदले उसने 15,000 रुपये नकद लिए थे। छापेमारी के दौरान दोनों पीड़ित लड़कियों को हिरासत में ले लिया गया और सुरक्षा के लिए कांदिवली (पश्चिम) स्थित रेस्क्यू फाउंडेशन में रखा गया।
पुलिस टीम ने खुशी उर्फ माही अरविंद रागोर निवासी हटकेश, मीरा रोड पूर्व को अरेस्ट किया है। पुलिस ने बताया कि उत्तर प्रदेश में आगरा जिले की मूल निवासी है। मीरा रोड में रहने के दौरान उसने देह व्यापार का बड़ा रैकेट बना लिया था। नयानगर पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता 2023 की धारा 143(3) और अनैतिक तस्करी निवारण अधिनियम, 1956 की धारा 4 और 5 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (अपराध) संदीप डोईफोडे और सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) मदन बल्लाळ के मार्गदर्शन में हुई। पुलिस निरीक्षक देविदास हंडोरे, पुलिस उपनिरीक्षक उमेश पाटिल, अनिल पवार, रामचंद्र पाटिल, सहायक फौजदार राजाराम आसवले, शिवाजी पाटिल, पुलिस हवलदार किशोर पाटिल, चेतनसिंग राजपुत, केशव शिंदे, पुलिस सिपाही तृषा कटकथोड (अनैतिक मानव तस्करी रोकथाम कक्ष, मीरा-भाईंदर) और महिला पुलिस सिपाही जयंती वसावे (अपराध शाखा प्रशासन) की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।




