कसाब को दिलवाई फांसी, मुंबई के टॉप वकीलों में नाम, लोकसभा हारने के बाद राज्यसभा के लिए किया गया मनोनीत
Got Kasab hanged, name among top lawyers of Mumbai, was nominated for Rajya Sabha after losing Lok Sabha

मुंबई/एजेंसी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए चार लोगों को मनोनीत किया है। इनमें से एक नाम उज्ज्वल निकम का है। शनिवार, 12 जुलाई 2025 की सरकारी अधिसूचना में उज्जवल निकम को राज्यसभा भेजने की जानकारी दी गई। यह भी बताया गया कि पहले मनोनीत सदस्यों के रिटायर होने से खाली हुई सीटों को भरने के लिए यह फैसला लिया गया है। उज्ज्वल निकम 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले में स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर थे।
उज्ज्वल निकम के अलावा तीन और लोगों को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है। इनमें अनुभवी राजनयिक हर्ष वर्धन श्रृंगला, इतिहासकार डॉ. मीनाक्षी जैन और केरल के शिक्षक और समाज सेवक सी. सदानंदन मास्टर शामिल हैं। उज्ज्वल निकम भारत के जाने-माने वकील हैं। उन्हें 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मुकदमे और कई अन्य बड़े आपराधिक मामलों में काम करने के लिए जाना जाता है। वह महाराष्ट्र के जलगांव के रहने वाले हैं। वे एक साधारण परिवार से हैं। अपनी मेहनत और लगन से वे देश के सबसे प्रसिद्ध वकीलों में से एक बन गए हैं। अपने करियर में निकम ने कई बड़े आपराधिक मामलों में काम किया है। इससे उन्होंने अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है। 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मुकदमे के अलावा, निकम ने गुलशन कुमार हत्याकांड और बीजेपी नेता प्रमोद महाजन की हत्या के मुकदमे में भी पैरवी की है।
उन्होंने कई आतंकी मामलों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इनमें 1991 का कल्याण बम धमाका, 1993 का मुंबई सीरियल ब्लास्ट और 2003 का गेटवे ऑफ इंडिया बम धमाका शामिल हैं। उज्जवल निकम को 2016 में भारत सरकार ने पद्म श्री से सम्मानित किया था। यह सम्मान उन्हें उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया गया था।
पिछले साल हुए आम चुनाव में उज्जवल निकम ने राजनीति में भी अपनी किस्मत आजमाई थी। बीजेपी ने उन्हें मुंबई नॉर्थ सेंट्रल लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार वर्षा गायकवाड़ से हार का सामना करना पड़ा।
अब, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है। इससे उनके करियर में एक नया अध्याय शुरू होगा। राज्यसभा में वे देश के लिए कानून बनाने और लोगों की आवाज उठाने में अपना योगदान दे सकेंगे।
2013 के मुंबई गैंग रेप केस में निकम स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर थे। उन्होंने पीड़ितों और उनके परिवारों को न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाई। स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर वह वकील होता है जिसे सरकार किसी खास केस के लिए नियुक्त करती है। 2008 के मुंबई आतंकी हमले के दोषी अजमल कसाब को फांसी दिए जाने के बाद निकम ने कहा था कि यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है। उन्होंने कहा था कि भारत ने कसाब को न्याय दिलाकर उन बहादुर पुलिसकर्मियों और निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने आतंकी हमले में अपनी जान गंवाई थी।




