अंग्रेजों ने लूटी थी मराठा सेना के योद्धा रघुजी भोसले की तलवार, महाराष्ट्र ने नीलामी में खरीदी गौरवशाली धरोहर
The British had looted the sword of Maratha army warrior Raghuji Bhosale, Maharashtra bought the glorious heritage in auction

मुंबई/एजेंसी। मराठा साम्राज्य के विस्तार में आमूल्य योगदान देने वाले राजे रघुजी भोसले की तलवार को नीलामी में खरीद लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को मराठा साम्राज्य की यह धरोहर फिर से वापस मिलने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा कि मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि नागपुर के भोसले परिवार के संस्थापक लंदन में नीलाम हुई ऐतिहासिक तलवार राज्य सरकार ने खरीद ली है। फडणवीस ने लिखा है कि हमारे मराठा साम्राज्य की मूल और ऐतिहासिक धरोहर अब महाराष्ट्र में आएगी। पिछले साल जुलाई में 350 सालों बाद छत्रपति शिवाजी महराज के बाघ नख को भारत वापस आए थे।
फडणवीस ने लिखा कि छत्रपति शाहू महाराज के समय में रघुजी भोसले मराठा सेना में एक महत्वपूर्ण नेता थे। अपनी युद्ध नीति और शौर्य से प्रसन्न होकर छत्रपति शाहू महाराज ने उन्हें ‘सेनासाहेबसुभा’ की उपाधि दी थी। रघुजी भोसले ने मराठा साम्राज्य का बंगाल, ओडिशा तक विस्तार किया था, 1745 में बंगाल के नवाबों के खिलाफ युद्ध अभियान चलाया था। दक्षिण भारत में भी उन्होंने अपना सैन्य और राजनीतिक दबदबा बना लिया था।
फडणवीस ने कहा कि हमारे सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार, अपर मुख्य सचिव सांस्कृतिक कार्य विभाग एवं मेरे अपने कार्यालय में कार्यरत विकास खरगे ने इस काम को गंभीरता से लेकर पूरा किया है। इसमें कुछ तकनीकी समस्याएं थीं, इसलिए इसे हस्तक्षेप के माध्यम से खरीदा गया था। राज्य सरकार इसके लिए 47.15 लाख रुपये देने जा रही है।
ये तलवार मराठा शैली की तलवार का एक बेहतरीन उदाहरण है। एक धार वाला पत्ता, सोने की नक्काशी उस तलवार की विशेषता है। यूरोपीय नकली पत्ते उन दिनों मशहूर थे। इस पत्ते के पीछे सोने के जल से लिखा है ‘श्रीमंत राघोजी भोसले सेनासाहेबसुभा’. 1817 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने नागपुर में भोसले के खजाने को लूटा। बुद्धिमान लोग अनुमान लगाते हैं कि यह तलवार इसमें ले लेनी चाहिए।




