एडवोकेट बिल के खिलाफ तेज हुआ वकीलों का विरोध प्रदर्शन

दिल्ली के अलग-अलग कोर्ट में हड़ताल जारी

  • वकीलों का प्रस्तावित एडवोकेट अमेंडमेंट बिल, 2025 के खिलाफ विरोध बढ़ा
  • तीस हजारी कोर्ट में वकीलों ने चक्का जाम कर सरकार तक पहुंचाया संदेश
  • रोहिणी कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हाजिरी पर सख्त नोटिस जारी किया

नई दिल्ली/एजेंसी। प्रस्तावित एडवोकेट अमेंडमेंट बिल, 2025 के विरोध में वकीलों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। तीस हजारी कोर्ट के बाहर वकीलों ने गुरुवार को चक्का जाम कर अपनी बात सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की। वहीं, रोहिणी कोर्ट के वकील संगठन ने अपने सदस्यों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अदालत के सामने अपनी हाजिरी लगाने से भी रोक दिया है। दिल्ली की सभी जिला अदालतों के वकील संगठनों की कोऑर्डिनेशन कमिटी ने तय किया है कि बीते सोमवार से शुरू हुई उसकी हड़ताल शुक्रवार और शनिवार को भी जारी रहेगी।
कोऑर्डिनेशन कमिटी के चेयरमैन जगदीप वत्स और सेक्रेटरी जनरल अतुल कुमार शर्मा ने प्रस्ताव जारी कर इसकी सूचना दी। इसमें कहा गया कि 20 फरवरी को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया कि प्रस्तावित “अन्यायपूर्ण, अनुचित और पक्षपाती एडवोकेट अमेंडमेंट बिल, 2025” के खिलाफ वकीलों की हड़ताल 21 फरवरी और 22 फरवरी को भी जारी रहेगी। कमिटी के पदाधिकारियों ने इस बिल को वकीलों की एकता, अखंडता और प्रतिष्ठा के पूरी तरह से खिलाफ और कठोर प्रकृति का बताया। वकीलों का कहना है कि इससे सभी राज्यों की बार काउंसिल और वकील संगठनों का स्वायत्तता सीधे-सीधे प्रभावित होगी।
प्रस्ताव के माध्यम से वकील नेताओं की समिति ने न्यायिक अधिकारियों से इसमें उनका साथ देने और इन दो दिनों में लगे मामलों में किसी भी तरह का प्रतिकूल आदेश पारित नहीं करने का अनुरोध किया।
यह देखते हुए कि हड़ताल के बावजूद कुछ वकील वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालतों में अपनी हाजिरी लगा रहे हैं, रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन ने गुरुवार को एक सख्त नोटिस जारी किया। संगठन ने अपने सदस्य वकीलों को हिदायत दी कि कोर्ट परिसर में कोई टाइपिंग, फोटोस्टेट और वीसी के जरिए कोई हाजिरी किसी भी मामले में दर्ज नहीं कराई जाएगी। नोटिस में चेतावनी दी गई कि इसका पालन करने में विफल रहने वाले वकील सदस्यों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उक्त संगठन ने संबंधित अदालत के न्यायिक अधिकारियों और जजों तक भी इस सूचना को पहुंचाया है।
इसी तरह से तीस हजारी कोर्ट की दिल्ली बार एसोसिएशन ने गुरुवार दोपहर को चक्का जाम कर उक्त बिल के खिलाफ अपना विरोध जताया। इससे एक दिन पहले कड़कड़डूमा कोर्ट की शाहदरा बार एसोसिएशन ने चक्का जाम कर अपनी नाराजगी जताने की कोशिश की थी। साकेत कोर्ट और द्वारका कोर्ट में भी वकीलों की हड़ताल का असर दिख रहा है।

 

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