संभल में बंद मिले मंदिर में 76 साल बाद हुई आरती, लोगों ने लाइन लगाकर की पूजा-अर्चना
Aarti was performed after 76 years in a temple found closed in Sambhal, people lined up to offer prayers

- संभल में बंद पड़े शिव मंदिर में शुरू हुई पूजा
- 46 साल बाद मंदिर में हुई आरती, पूजा-पाठ
- कतार लगाकर लोगों ने मंदिर में की पूजा
संभल/उत्तर प्रदेश। संभल जिले में रविवार सुबह लंबे वक्त से बंद पड़े भगवान शिव और हनुमान के मंदिर में 46 साल बाद पूजा अर्चना और आरती की गई। मंदिर में दीपक जलाए गए। इस दौरान मंदिर के बाहर सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात रही। शनिवार को यह बंद पड़ा मंदिर प्रशासन को मिला था, जिसे 46 साल बाद खुलवाया गया था। इसके बाद मंदिर परिसर में सफाई अभियान चला और बिजली से रोशनी की व्यवस्था की गई। सुरक्षा के लिए यहां सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। लोगों का कहना है कि मंदिर 1978 के बाद रविवार को पहली बार खोला गया है। पूजा और आरती के लिए सुबह काफी लोगों ने कतार लगाकर उसे संपन्न किया। लोगों का कहना था कि अब हर दिन मंदिर मे पूजा की जाएगी। संभल की एसडीएम वंदना मिश्रा ने कहा कि मंदिर की मूल संरचना को नियमानुसार बहाल किया जाएगा। लोगों ने बताया कि यह मंदिर खग्गू सराय इलाके में स्थित है।
साल 1978 के बाद हमने अपना घर बेच दिया और इलाका खाली कर दिया। इसके बाद कोई पुजारी यहां रहने को तैयार नहीं हुआ। 15-20 परिवार वहां से चले गए और मंदिर बंद हो गया। अब इसे फिर से खोला गया है। प्रशासन का कहना था कि मंदिर संबंधित समुदाय को सौंप दिया जाएगा।
संभल में 46 साल से बंद पड़े शिव मंदिर को खुलवाने पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में कहा कि कल संसद में संविधान पर चर्चा चल रही थी, लेकिन मुद्दा संभल का उठ रहा था। इन्हीं (विपक्ष) के समय में 46 साल पहले जो मंदिर बंद कर दिया गया था, वो सामने आ गया। इनकी वास्तविकता को सबके सामने ला दिया। सीएम ने सवाल किया कि संभल में इतना प्राचीन मंदिर क्या रातों-रात प्रशासन ने बना दिया? क्या वहां बजरंगबली की इतनी प्राचीन मूर्ति रातों-रात आ गई? क्या वहां शिवलिंग निकला है? क्या ये आस्था नहीं थी?
सीएम योगी ने कहा कि उन दरिंदों को आज तक सजा क्यों नहीं मिली, जिन्होंने 46 साल पहले संभल में नरसंहार किया था? निर्दोष लोगों की हत्या हुई। इस पर चर्चा क्यों नहीं होती है? इस पर जो बोलेगा, उसको धमकी दी जाएगी।




