दिल्ली में ड्रग्स तस्करों पर कसेगी नकेल! उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने शुरू किया पायलट प्रोजेक्टअभियान

दिल्ली को ड्रग्स मुक्त करने के लिए उठाया गया है यह कदम,हर दिन 24 घंटे की देनी होगी रिपोर्ट

नई दिल्ली। दिल्ली को ड्रग्स मुक्त करने के लिए रविवार से ड्रग्स तस्करों के खिलाफ व्यापक अभियान की शुरूआत की गई है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एक माह के लिए यह अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत दिल्ली की सभी यूनिट व 15 जिलों की पुलिस समेत, आबकारी विभाग, परिवहन विभाग, समाज कल्याण विभाग, अदालत आदि सभी सरकारी व गैर सरकारी विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी विभाग के अधिकारी सामूहिक रूप से ड्रग्स तस्करों के खिलाफ कार्रवाई में जुट गए हैं। हर दिन दिल्ली पुलिस 24 घंटे के अंदर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट साझा करेगी। अभियान के तहत लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। ड्रग्स के बारे में जानकारी देने वालों को पुलिस उचित पुरस्कार भी देगी।
विशेष आयुक्त क्राइम ब्रांच देवेश चंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री व उपराज्यपाल के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। सभी विभाग राजधानी में रहने वाले लोगों के सहयोग से ड्रग्स को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। दिल्ली में सक्रिय ड्रग्स तस्करों व आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ अभियान जारी रखते हुए दिल्ली पुलिस न केवल ड्रग्स को जब्त कर रही है बल्कि दैनिक आधार पर ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार कर रही है। उनकी संपत्तियों को जब्त करके और पिट एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई करके सक्रिय तस्करों के नेटवर्क को नष्ट कर रही है। पिट एनडीपीएस एक्ट की कार्रवाई उन नशे का कारोबार करने वाले अपराधियों पर किया जाता है, जो लगातार उस अपराध में शामिल पाए जाते हैं।
इस साल एनडीपीएस मामलें 1500 से अधिक गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस का कहना है कि चालू वर्ष में एक जनवरी से 15 नवंबर तक दिल्ली पुलिस ने 1121 एनडीपीएस मामलों में 1520 नार्को-अपराधियों को गिरफ्तार किया है और लगभग 73.3 किलो हेरोइन व स्मैक, 1293.3 किलो कोकेन, 4257.3 किलो गांजा, 103.7 किलो अफीम, 50.5 किलो चरस व 80.5 किलो खसखस बरामद किया गया। एक माह तक चलने वाले पायलट प्रोजेक्ट का उद्देश्य दिल्ली में युवाओं और बच्चों को ड्रग्स के खतरे से बचाना है। इसका ध्यान आपूर्ति पक्ष (नशीले पदार्थों के तस्करों) पर कड़ी कार्रवाई करने पर है, लेकिन समाज के सभी वर्गों से जागरूकता पैदा करने और ड्रग्स की मांग को कम करने की भी अपील की गई है।
माता-पिता, परिवार के सदस्यों और शिक्षकों से विशेष रूप से आग्रह किया गया है कि वे बच्चों में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के लक्षणों की पहचान करें और मांग को कम करने पर ध्यान देने के साथ इस मुद्दे के समाधान के लिए असाधारण उपाय करें। सभी को युवाओं को ड्रग्स की लत के गंभीर परिणामों के बारे में जागरूक करना चाहिए और उन्हें इस घातक बुराई का शिकार होने से रोकना चाहिए।
नशीली दवाओं का दुरुपयोग एक गंभीर समस्या है जिसके व्यक्ति, परिवार और समाज पर विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं। नशा करने से व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक परेशानियां यहां तक कि मौत भी हो सकती है।

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