रोल नंबर लेकर आते हैं छात्र, एग्जाम में पास होने के साथ लग जाती है नौकरी, राजस्थान में है अनूठा मंदिर

Students bring their roll numbers, they get jobs after passing the exam, there is a unique temple in Rajasthan

बीकानेर/राजस्थान। बीकानेर में भगवान हनुमान का एक अनूठा मंदिर है, जो स्टूडेंट्स मेें काफी चर्चित है, यहां स्टूडेंट अपने पास होने और नौकरी लगाने की गुहार करते हैं। इसको लेकर स्टूडेंट पर्चियां में अपने रोल नंबर लिखकर हनुमान जी के हाथों में थमाते हैं। कहा जाता है कि फिर हनुमान जी की कृपा से स्टूडेंट पास भी होते हैं और नौकरी भी लग जाते हैं । बीकानेर का यह अनूठा मंदिर, जो ‘ग्रेजुएट हनुमान मंदिर‘ के नाम से प्रसिद्ध है, जो हजारों स्टूडेंट की आस्था का केंद्र है।
बीकानेर का यह प्रसिद्ध ग्रेजुएट हनुमान मंदिर, जो अपने अनूठी विशेषता को लेकर जाना जाता है। इस मंदिर में एग्जाम से पहले स्टूडेंट आते हैं और हनुमान जी के पास प्रार्थना करते हैं। स्टूडेंट अपना रोल नंबर गर्भ गृह के पीछे की दीवार पर लिख देते हैं। साथ ही एक पर्ची पर हनुमान जी को मैसेज लिखकर गुहार लगाते हैं।‘हनुमान जी प्लीज पास करवा दीजिएगा।‘ यह पर्ची स्टूडेंट हनुमान जी के हाथों में भी थमा देते हैं। यही नहीं स्टूडेंट अपनी नौकरी के लिए भी हनुमान जी से गुहार लगाते हैं,जहां उनकी यह मुराद भी पूरी होती है।
बीकानेर के ग्रेजुएट हनुमान जी पर हजारों स्टूडेंट की आस्था टिकी हुई है। एग्जाम से पहले स्टूडेंट हनुमान जी के मंदिर में आते हैं और पर्ची पर अपना रोल नंबर लिखकर अच्छे नंबरों से पास करने की गुहार लगाते हैं। इसको लेकर स्टूडेंटों की मान्यता है कि हनुमान जी के पास पर्ची लिखकर गुहार लगाने से उनका एग्जाम अच्छा होता है और उन्हें अच्छे अंक हासिल होते हैं। इसको लेकर अब लगातार स्टूडेंट अपनी मनोकामना लेकर इस मंदिर में आते रहते हैं।
ग्रेजुएट हनुमान जी मंदिर के पुजारी कैलाश शर्मा और शिव प्रकाश शर्मा का दावा है कि मंदिर में गुहार लगाने पर कई स्टूडेंट की नौकरियां भी लगी है। उन्होंने बताया कि कई स्टूडेंट मंदिर में आकर अपनी नौकरी की मनोकामना मांगते हैं। हनुमान जी की कृपा से उन्हें नौकरी भी मिलती है। इसके बाद भी कई स्टूडेंट यहां आते रहते हैं, उनका विश्वास है कि हनुमान जी की कृपा से उनका काम अच्छा चलता है और उन्हें प्रगति मिलती है।
मंदिर पुजारी ने बताया कि पूर्व में मंदिर का नाम मंशापूर्ण हनुमान जी था, लेकिन युवा स्टूडेंट भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होने के साथ-साथ इसका नाम ग्रेजुएट हनुमान मंदिर हो गया। इस मंदिर में सबसे ज्यादा भक्त मेडिकल, इंजिनियरिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स होते हैं। मंदिर पुजारी ने बताया कि कई स्टूडेंट पास होने के बाद साइंटिस्ट, प्रोफेसर्स, आईएएस और आईपीएस भी बने। इसके अलावा तो बड़ी संख्या में कई डॉक्टर और इंजीनियरों की भरमार है। पुुजारी के अनुसार यह मंदिर 50 साल पुराना है।

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