दिल्ली सरकार ने एमसीडी कमिश्नर की बढ़ाई फाइनैंशियल पावर, रुके कामों को अब मिलेगी रफ्तार
Delhi government increased the financial power of MCD commissioner, stalled works will now get speed

नई दिल्ली/एजेंसी। दिल्ली सरकार ने एमसीडी कमिश्नर की फाइनैंशल पावर को बढ़ा दिया है। इससे एमसीडी के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और लैंडफिल साइटों के लटके हुए प्रोजेक्ट्स को रफ्तार मिलेगी। एमसीडी में फाइनैंशल पावर स्टैंडिंग कमिटी के पास होती है, लेकिन अभी तक स्टैंडिंग कमिटी का गठन नहीं हो पाया है। इससे एमसीडी के सभी बड़े प्रोजेक्ट लटके हुए हैं।एमसीडी ने सेंट्रल, साउथ और वेस्ट जोन में जिन कंपनियों को डोर टु डोर कूड़ा उठाने से लेकर उसे ठिकाने लगाने का काम दिया है, उसका कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो चुका है। एमसीडी के तीनों जोन के लिए टेंडर प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन स्टैंडिंग कमिटी का गठन न होने के कारण नई कंपनियों को काम नहीं सौंपा जा सका।
इस वजह से इन तीनों जोनों में नियमित रूप से कूड़ा नहीं उठ पा रहा है। इसके अलावा एक वेस्ट टु एनर्जी प्लांट बनाने का प्रोजेक्ट भी लंबे समय से लटका हुआ है। टेंडर न हो पाने की वजह से एमसीडी ने लैंडफिल साइटों को खत्म करने की डेडलाइन 2028 तक बढ़ा दी है। दिल्ली सरकार ने जिस तरह से एमसीडी के लटके प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए एमसीडी कमिश्नर की फाइनैंशल पावर बढ़ाई है, उससे रुके काम शुरू होने की उम्मीद बढ़ी है।
सेंट्रल जोन: इस जोन के तहत 25 वॉर्ड आते हैं। हर दिन 1000 मीट्रिक टून कूड़ा निकलता है।
वेस्ट जोन: इस जोन में भी 25 वॉर्ड है। जोन के तहत आने वाली अगल अलग कॉलोनियों से हर दिन 900 मीट्रिक कूड़ा निकलता है।
साउथ जोन: इस जोन में वॉर्डों की संख्या 23 है। यहां से भी हर दिन 900 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है।
किस प्रोजेक्ट के लिए कितनी धनराशि मिलेगी
➤तीन जोन में कूड़ा उठाने और सीएंडडी वेस्ट प्लांट के लिए 1137.98 करोड़
➤नरेला बवाना में कूड़े से बिजली बनाने वाले प्रोजेक्ट के लिए 604.26 करोड़
➤सिंघोला में बने सिल्ट की बॉयोमाइनिंग के लिए 46.17 करोड़
➤ओखला लैंडफिल साइट के लिए 156.45 करोड़
➤गाजीपुर लैंडफिल साइट के लिए 223.50 करोड़
➤भलस्वा लैंडफिल साइट के लिए 223.50 करोड़




