आजमगढ़ में भू-माफियाओं ने मठ-मंदिर की दुकानों पर किया कब्जा
मनीष पंकज एवं जगदीश ने किराए के नाम पर मठ की दुकानों पर किया कब्जा, स्थानीय पुलिस प्रशासन की मिली भगत के चलते भू-माफिया के हौसले बुलंद

आजमगढ़/उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जहां एक तरफ मठ मंदिरों एवं अवैध कब्जा की गई संपत्तियों को भूमाफियाओं से मुक्त करने का प्रयास कर रही है कुछ दबंग भू माफियाओं ने संपत्तियों पर कब्जा करने का नया तरीका निकाला है। भू माफियाओं द्वारा अब मठ-मंदिरों की जमीन एवं दुकानों को निशाना बनाया जा रहा है। भू माफिया अब बिना किसी दस्तावेज एवं रेंट एग्रीमेंट के जमीन व दुकान किराए पर लेकर उस पर कब्जा कर लेते हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की सगड़ी तहसील स्थित रजादेपुर का आया है जहां दोहरीघाट राजमार्ग पर स्थित प्राचीन रजादेपुर सन्यासी मठ की संपत्ति के अंतर्गत लगभग 40 दुकानें कोतवाली जीयनपुर क्षेत्र के रजादेपुर चौक पर बनी हुई हैं। रजादेपुर सन्यासी मठ के वर्तमान मठाधीश महंत शिवसागर भारती इसके संरक्षक एवं अधिकारिक स्वामी हैं। महंत शिवसागर भारती के अनुसार मनीष एवं पंकज पुत्र स्वर्गीय प्रकाश व उनके चाचा जगदीश निवासी जीयनपुर ने रजादेपुर चौक पर स्थित मठ की तीन दुकानों पर बिना किसी दस्तावेज एवं रेंट एग्रीमेंट के लगभग 4 वर्षों से किराए के नाम पर कब्जा कर रखा है। उपरोक्त व्यक्तियों द्वारा ना पिछले 4 वर्ष से न तो दुकानों का किराया दिया जा रहा है और ना ही दुकान खाली की जा रही हैं। महंत शिवसागर भारती ने न्यायालय के माध्यम से किराए हेतु नोटिस भी उपरोक्त व्यक्तियों को भिजवाया था। मगर फिर भी उपरोक्त व्यक्तियों द्वारा किराया नहीं दिया गया।
महंत शिवसागर भारती ने बताया कि जब वह मठ के कुछ शिष्यों को लेकर किराया मांगने के लिए मनीष एवं पंकज के पास दुकान पर गए तो उपरोक्त दबंगों ने महंत शिवसागर भारतीय एवं उनके शिष्यों के साथ गाली-गलौज एवं मारपीट करना शुरू कर दिया। जिस पर महंत शिवसागर भारती द्वारा एक दुकान पर ताला लगवा दिया गया। जिससे क्रोधित होकर मनीष एवं पंकज व उनके चाचा जगदीश ने कुछ अज्ञात लोगों को लेकर बिना अनुमति रजादेपुर मठ के भीतर प्रवेश कर महंत शिवसागर भारती एवं मठ में मौजूद अन्य शिष्यों के साथ गाली-गलौज एवं मारपीट की एवं मनीष व पंकज द्वारा महंत शिवसागर भारती एवं उनके शिष्यों को झूठे अपराधिक मुकदमों में फँसाने व जान से मारने की धमकी देकर चले गए। इस संबंध में महंत शिवसागर भारती द्वारा जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से कोतवाली जीयनपुर में लिखित शिकायत दी गई है। इसके अतरिक्त उत्तर प्रदेश एंटी भू-माफिया पोर्टल पर भी उपरोक्त व्यक्तियों के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाई गई है। इस संबंध में सगड़ी तहसील के उप-जिलाधिकारी नरेंद्र कुमार गंगवार ने महंत शिवसागर भारती को तत्काल जांच कर कार्यवाही का आश्वासन दिया है। सबसे बड़े आश्चर्य की बात है कि बिना किसी रेंट एग्रीमेंट एवं दुकान मालिक की अनुमति के बिजली का मीटर भी लगा दिया गया है। समझ में नहीं आ रहा कि बिजली विभाग ने किस आधार पर बिजली के कनेक्शन की मंजूरी इन दुकानों के लिए दे दी। उपरोक्त सभी व्यक्ति दबंग एवं अपराधिक प्रवृत्ति के भू माफिया हैं। कोतवाली जीयनपुर के कुछ पुलिसकर्मियों की मिली भगत के चलते इन लोगों का मनोबल बढ़ गया है। महंत शिवसागर भारती ने प्रशासन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मठ की दुकानों को उपरोक्त व्यक्तियों से कब्जा मुक्त करने के लिए गुहार लगाई है। अब देखना यह है क्या पुलिस द्वारा उपरोक्त व्यक्तियों पर कोई कार्यवाही की जाती है या फिर इस मामले को भी अन्य मामलों की तरह ठंडा बस्ते में डाल दिया जाएगा।
पहले भी कुछ भूमाफियाओं ने सीएम योगी के गोरखनाथ मठ की जमीन पर किया था कब्जा, किराएदारों ने मालिक बन बेची थी प्रॉपर्टी
इससे पहले भी यूपी के आगरा में भी कुछ भू-माफियाओं ने मठ की जमीन पर कब्जा कर लिया था। ये गोरखनाथ मठ की जमीन थी जिसके पीठाधीश्वर सीएम योगी आदित्यनाथ हैं। पहले किराएदार बनकर जमीन किराए पर ली और फिर धीरे-धीरे फर्जी दस्तावेज बनाकर भू-माफियाओं ने मठ की जमीन पर कब्जा कर लिया। इस जमीन को अपना बताकर उसे बेच भी दिया। इसकी जानकारी होते ही गोरखनाम मठ की ओर से शिकायत की गई। जानाकरी के मुताबिक आगरा में गोरखनाथ मठ की कई जमीन हैं। इन प्रॉपर्टी को किराए पर दिया जाता है। मठ की जमीन भू-माफियाओं ने किराएदार बनकर किराए पर ली। इसके बाद जमीन के फर्जी कागज बनाकर खुद इन जमीनों के मालिक बन गए और इन्हें अपनी बताकर लोगों को बेच दिया। इसकी कई शिकायतें आगरा नगर निगम और डीएम कार्यालय में हुई थीं । शिकायतों में कुल 20-25 भू-माफिया की जानकारी दी गई थी। शिकायतों के बाद भी हल नहीं निकलने पर महंत योगी मंगल नाथ को जमीन मुक्त कराने के लिए नियुक्त किया गया था। भू-माफिया ने आगरे में छत्ता के हाथीघाट, शीतला गली, कुटुम्भी भैरल, बाल भैरव और आगरा कैंट स्थित जमीनों पर कब्जा किया था। इन जमीनों पर मालिकाना हक गोरखनाथ मठ का है लेकिन फर्जी तरीके से नगर निगम में जमीनों का असिसमेंट भू-माफिया ने अपने नाम करवा लिया था। इसमें से कुछ जमीनें अभी भी भू-माफियाओं के कब्जे में हैं।




