महाराष्ट्र में रिश्वतखोरी के मामले में राजस्व विभाग है अव्वल

Revenue department is at the top in the case of bribery in Maharashtra

मुंबई/एजेंसी। ईमानदारी की शपथ लेकर सरकारी सेवा में आने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के वादे कितने सच्चे होते हैं, इसका सबूत इसी बात से लगाया जा सकता है कि रिश्वतखोरी के मामले में राज्य पुलिस का स्थान दूसरे नंबर है। पहले स्थान पर राज्य के राजस्व और भूमि अभिलेख विभाग के अधिकारी और कर्मचारी हैं। महाराष्ट्र भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) से मिली जानकारी के मुताबिक, राजस्व के बाद पुलिस, पंचायत समिति और जिला परिषद का स्थान है।
भ्रष्टाचार के 499 मामले दर्ज
एसीबी के अनुसार जनवरी से अगस्त के बीच राज्य में भ्रष्टाचार के 499 मामले दर्ज किए गए हैं। यह केस एसीबी द्वारा बिछाए गए 472 जाल में पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुए हैं। इस कार्रवाई में 22 से अधिक मामले आय से जबकि भ्रष्टाचार से संबंधित 5 मामले शामिल हैं। आय से अधिक संपत्ति से संबंधित 22 मामलों में कुल 16.46 करोड़ रुपये की राशि जब्त की गई। एसीबी के मुताबिक, कार्रवाई में सबसे अधिक आरोपी तृतीय श्रेणी के सरकारी अधिकारी हैं, जिनकी संख्या 345 हैं। दूसरे स्थान पर द्वितीय श्रेणी के सरकारी अधिकारी, जिनकी संख्या 71 हैं। प्रथम श्रेणी के अधिकारी 46 और चतुर्थ श्रेणी के 28 अधिकारियों का समावेश हैं।
सर्वाधिक घूसखोर पुलिस विभाग
एसीबी ने पिछले 8 महीने में की गई कार्रवाई के दौरान सरकारी विभागों में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों को मिले रिश्वत के तौर पर 1.49 करोड़ रुपये को जब्त किया है। एसीबी के मुताबिक, सबसे अधिक घूस लेने का आरोप पुलिसवालों के खिलाफ दर्ज हैं। पुलिसकर्मियों द्वारा घूस के तौर पर लिए गए रकम 41.24 लाख रुपये हैं। इसके बाद राजस्व और भूमि अभिलेख विभाग के हिस्से 21.13 लाख रुपये घूस लेने का आरोप लगा है। जिला परिषद विभाग के खिलाफ 14.57 लाख रुपये और पंचायत समिति के नाम पर 9.6 लाख रुपये की रिश्वत लेने का मामला शामिल हैं।
रैंक सरकारी विभाग केस दर्ज
1. राजस्व विभाग 134
2. पुलिस 88
3. पंचायत समिति 42
4. जिला परिषद 32
5. MSEDCL 27
6. शिक्षा विभाग 24
घूस की रकम टॉइलेट में बहा दिया
एसीबी ने अग्निशमन के एक अधिकारी प्रल्हाद शितोले (43) को बोरीवली के एक होटल में पीएनजी कनेक्शन के लिए एनओसी जारी करने के एवज में कथित तौर पर 60 हजार रुपये की रिश्वत को स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। शिकायतकर्ता संपर्क अधिकारी है जिन्होंने शितोले से संपर्क किया था। हालांकि, दहिसर स्थित कार्यालय की लिफ्ट में शितोले जब घूस की रकम 60 हजार ले रहा था, तो उसको शक हो गया और वह रकम लेकर घर के टॉयलेट में फेंककर फ्लश कर दिया। एसीबी अधिकारियों ने दो प्लंबरों की मदद से ड्रेनेज चेंबर से 57 हजार जब्त कर शितोले को अरेस्ट कर लिया।

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