सुंदरता तथा बहादुरी का गजब मिश्रण है महिला आईपीएस अधिकारी संजुक्ता पराशर में, 15 महीने में 16 एनकाउंटर

Female IPS officer Sanjukta Parashar is a wonderful combination of beauty and bravery, 16 encounters in 15 months

सुंदरता हो अथवा बहादुरी दोनों ही स्वरूप की खूब सराहना होती है। जब किसी महिला के पास सुंदरता तथा बहादुरी का पूरा खजाना हो तो वह महिला खास हो जाती है। ऐसी ही खास महिला हैं चर्चित आईपीएस महिला अधिकारी संजुक्ता पराशर। प्रसिद्ध आईपीएस महिला अधिकारी संजुक्ता पराशर सुंदरता के मामले में बड़ी-बड़ी फिल्मी हिरोइनों को पीछे छोड़ती हैं। संजुक्ता पराशर की बहादुरी ऐसी है कि उनको देखते ही बड़े से बड़े अपराधी भी कांपने लगते हैं।
लेडी सिंघम के नाम से प्रसिद्ध है महिला आईपीएस
महिला आईपीएस अधिकारी संजुक्ता पराशर को लेडी सिंघम के नाम से भी जाना जाता है। यहां हम सुंदरता व बहादुरी के मिश्रण से भरपूर आईपीएस अधिकारी संजुक्ता पराशर का पूरा परिचय आपके साथ करा रहे हैं। आपको बता दें कि प्रसिद्ध महिला IPS अधिकारी संजुक्ता पराशर वर्ष-2006 बैच की असम कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं। अपनी आईपीएस की ट्रेनिंग के दौरान संजुक्ता पराशर को उत्कृष्ठता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह पुरस्कार भारत के गृहमंत्री अमित शाह ने संजुक्ता पराशर को भेंट किया था।
सबसे सुंदर तथा बहादुर महिला आईपीएस का पूरा परिचय
आपको बता दें कि संजुक्ता पराशर का जन्म 3 अक्टूबर 1979 को असम में हुआ था । उनकी स्कूलिंग भी असम में ही हुई है । संजुक्ता पराशर ने दिल्ली के इंद्रप्रस्थ कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया है । इसके बाद जेएनयू से इंटरनेशनल रिलेशन में मास्टर्स किया । इसके बाद यूएस फॉरेन पॉलिसी में एमफिल और पीएचडी की डिग्रियां भी ली हैं । संजुक्ता पराशर ने यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम में ऑल इंडिया 85वीं रैंक हासिल की थी। आईपीएस संजुक्ता पराशर एक निडर आईपीएस ऑफिसर हैं, जो बदमाशों से सीधे भिड़ने का दम रखती हैं । साल 2015 में जब वह असम के जोरहाट जिले में एसपी पद पर तैनात थीं, तब लेडी सिंघम एके 47 लेकर उग्रवादियों से लोहा ले चुकी हैं।
उनकी पर्सनालिटी ऐसी है कि अच्छी-अच्छी बॉलीवुड हसीनाएं भी उनके आगे फीकीं नजर आती हैं। उनके साहसिक कामों के चलते ही असम के लोग उन्हें आयरन लेडी ऑफ असम कहते हैं । इसकी सबसे बड़ी वजह ये भी हैं कि आईपीएस ने असम की उन जगहों पर एनकाउंटर किया, जहां नॉर्मल ऑपरेशन चलाना भी मुश्किल था। बदमाशों को सफाया करने वालीं आईपीएस संजुक्ता पराशर का नाम ही काफी है। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट आईपीएस संजुक्ता के नाम से ही उग्रवादी खौफ खाते है । आईपीएस संजुक्ता ने सिर्फ 15 महीने में 16 एनकाउंटर करने का रिकॉर्ड कायम किया है।

 

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