दिल्ली वालो सावधान! अगले दो दिन मूसलाधार बारिश का है अनुमान, पढ़िए मौसम की भविष्यवाणी

नई दिल्ली/एजेंसी। राष्ट्रीय राजधानी में रविवार को अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कुछ दिन पहले दिल्ली में 228.1 मिमी बारिश हुई थी, जिससे शहर में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था और कई लोगों की जान भी चली गई थी। इस बीच नगर निगम ने भी जलभराव से निपटने की तैयारियों में जुट गया है। वहीं, मौसम विभाग ने दिल्ली में ‘ओरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए दो जुलाई तक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में रविवार को नौ मिमी बारिश हुई, जबकि शाम साढ़े पांच बजे आर्द्रता का स्तर 60 प्रतिशत दर्ज किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राजधानी में सोमवार और मंगलवार को बादल छाए रहने और भारी बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। साथ ही विभाग ने यह भी कहा कि दिल्ली और इससे सटे राज्यों के कुछ स्थानों पर भी भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में रविवार रात तेज हवाओं के साथ मध्यम बारिश और गरज के साथ छींटे भी पड़ सकती है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बताया कि दिल्ली में रविवार शाम छह बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 118 दर्ज किया गया जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है।
दिल्ली में मंगलवार तक भारी बारिश के पूर्वानुमान के बीच नगर निकायों ने जलभराव की समस्या से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं जिसके तहत कर्मचारियों और उपकरणों की तैनाती बढ़ाने समेत क्षेत्रीय इकाइयों को सतर्क रखने के कदम उठाए गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में मॉनसून आगमन के पहले दिन शुक्रवार की सुबह 228.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जो 1936 के बाद जून माह में अब तक की सर्वाधिक वर्षा है। बारिश से शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया और कई लोगों की जान चली गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली में ‘ओरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए दो जुलाई तक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उनका केंद्रीय नियंत्रण कक्ष चौबीस घंटे काम कर रहा है और दावा किया कि नालों से गाद निकालने का काम पूरा हो चुका है। जोनल नियंत्रण कक्षों के माध्यम से मिल रही जलभराव की सूचनाओं पर विभिन्न मशीने तैनात की गई है।

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