गर्भवती महिला के लिए एंबुलेंस कर्मी बने देवदूत,एंबुलेंस में ही कराया गर्भवती का प्रसव

गाजियाबाद। प्रसव पीड़ा के बाद एंबुलेंस में अस्पताल जा रही महिला ने एंबुलेंस में ही बच्चे को जन्म दिया है। मामला मुरादनगर क्षेत्र के खिंदोड़ा गांव का है। शुक्रवार शाम लगभग 6:00 बजे खिंदोड़ा निवासी मंजूर की पत्नी नाजरीन को प्रसव पीड़ा हुई। मंजूर ने नाजरीन को अस्पताल ले जाने के लिए 102 पर कॉल किया। मामले की सूचना सीएचसी मुरादनगर पर तैनात एंबुलेंस संख्या UP 32EG7045 को प्राप्त हुई। एंबुलेंस खिंदोड़ा गांव पहुंची और नाजरीन को लेकर सीएचसी मुरादनगर के लिए निकली। अस्पताल से लगभग सात किलोमीटर पहले खिमावती गांव के पास नाजरीन को प्रसव पीड़ा अत्यधिक बढ़ गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एंबुलेंस पर तैनात ईएमटी जावेद अली ने एंबुलेंस चालक नईम को एंबुलेंस साइड में लगाने के लिए कहा। एंबुलेंस साइड में लगाकर ईएमटी जावेद खान ने एंबुलेंस में उपलब्ध डिलीवरी किट की मदद से सुरक्षित प्रसव कराया। नाजरीन ने बेटी को जन्म दिया है। इससे पहले भी नाजरीन के एक बेटा और एक बेटी भी हैं। इसके बाद एंबुलेंस जच्चा-बच्चा दोनों को लेकर सीएचसी मुरादनगर पहुंची और उनको भर्ती कराया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
नाजरीन के स्वजन और अस्पताल के स्टाफ ने एंबुलेंस कर्मचारियों की सराहना की है। एंबुलेंस सेवा के प्रोग्राम मैनेजर जयविंदर सिंह बसोया ने बताया की एंबुलेंस कर्मचारियों ने ठीक समय पर निर्णय लेकर सुरक्षित प्रसव कराया है। सराहनीय कार्य किया के लिए दोनों को सम्मानित किया जाएगा। पिछले दो साल में एंबुलेंस में 14 बच्चों का जन्म हुआ है।




