अस्पताल के पीछे एक्सपायरी दवाओं के कूड़े का ढेर, शासकीय चिकित्सालय सवालों के घेरे में

नर्मदापुरम/मध्य प्रदेश। जिले के सिवनी मालवा में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है, जिसे शासन स्तर पर कायाकल्प योजना में अच्छा काम करने पर अवार्ड दिया गया है। फिर भी यहां मरीजों को मुफ्त में दी जाने वाली दवाइयों की कमी बनी रहती है। दूसरी तरफ अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से लाखों की दवाइयां एक्सपायर हो गईं हैं। इन दवाइयों को अस्पताल के पीछे कचरे के ढेर में फेंक दिया गया है। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सीबीएमओ जय सिंह कुशवाहा का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा है कि अगर ऐसा हुआ है तो इसकी जांच कराकर दोषीयों पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि सिवनी मालवा सीएचसी में कचरे की तरह डंप की गई एक्सपायर दवाओं में कई दवाएं कीमती और जीवन रक्षक भी हैं। ये दवाएं साल 2022 और 2023 के अलग-अलग महीने में एक्सपायर हुई हैं। इनमें कुछ टेस्टिंग किट, एंटीबायोटिक सहित पीपीई किट, सैंकड़ों की संख्या में सेनेटाईजर की बोतलें भी हैं, जिनका उपयोग कोविड के समय में करना था, लेकिन अस्पताल प्रबन्धन की लापरवाही के चलते यह एक्सपायर हो गईं।
आपको बता दें की एक्सपायर होने वाली दवाओं के निष्पादन की प्रक्रिया होती है। दवाइयों को इस तरफ नही फेंका जा सकता है। अब सिवनी मालवा अस्पताल प्रबंधन की करतूत उजागर होने के बाद विभाग सवालों के घेरे में है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो तो इसमें लापरवाही और अनियमितता की कई परतें उजागर होंने की संभावना है। मामला सामने आने पर सीबीएमओ जय सिंह कुशवाहा ने तत्काल कूड़े के ढेर से इन दवाओं को उठवाकर अस्पताल में जमा करवा दिया गया। सीबीएमओ ने बताया कि दवाएं उपयोग में नहीं आने पर एक्सपायर होती ही हैं। मेरे संज्ञान में दवाइयां फेंके जाने की जानकारी नही थी। दोषी कर्मचारियों के खिलाफ हम कार्रवाई करेंगे।




