भाजपा विधायक के भाई ने ट्रेनी डीएसपी के साथ की “बदसलूकी”, रात में ही हो गया पुलिस अधिकारी का ट्रांसफर

सरगुजा/छत्तीसगढ़। अंबिकापुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें बीजेपी विधायक के भाई थाने में हंगामा करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसी वायरल वीडियो में विधायक के भाई ने ट्रेनी डीएसपी से बहस करते हुए उसे देख लेने की धमकी दी। शाम होने से पहले प्रशिक्षु डीएसपी को थाने से हटाकर दूसरी जगह पदस्थ कर दिया गया। यह पूरा मामला लखनपुर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से अवैध कोयला तस्करी को लेकर मिल रही शिकायतों पर थाना लखनपुर की पुलिस कार्रवाई कर रही थी। इस दौरान ट्रेनी डीएसपी शुभम तिवारी ने कार्रवाई करते 10 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार भी किया था। इस बात पर बीजेपी नेताओं ने झूठा मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाया और थाने का घेराव किया गया। घेराव के दौरान थाने में जमकर बवाल हुआ। इसी दौरान वायरल वीडियो के मुताबिक भाजपा विधायक राजेश अग्रवाल के भाई विजय अग्रवाल ने थाने के अंदर हंगामा किया और प्रशिक्षण में चल रहे थाना प्रभारी शुभम तिवारी को धमकी दे डाली, विधायक के भाई ने सख्त लहजे कहा- ‘देख लूंगा..’। इसके बाद जैसे तैसे मामले को शांत कराया गया।
वायरल वीडियो में यह साफ दिखाई दे रहा है कि बीजेपी नेता थाने के अंदर हंगामा कर रहे हैं। प्रशिक्षु डीएसपी और विजय अग्रवाल के बीच बातचीत हो रही है। फिर किसी बात से नाराज होकर विधायक राजेश अग्रवाल के भाई विजय अग्रवाल ने शुभम तिवारी से कहा- ‘अरे तेरे को देखना पड़ेगा, याद रखना..’ इसके बाद विजय अग्रवाल और उसके समर्थक पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए थाने से बाहर चले गए।
शाम तक नए प्रभारी की पोस्टिंग
पूरे हंगामे के बाद शाम तक लखनपुर थाना में नए प्रभारी की पोस्टिंग भी हो गई, वहीं प्रशिक्षु डीएसपी शुभम तिवारी को प्रशिक्षण के लिए दूसरी जगह भेज दिया गया। पुलिस अधिकारी उसके पीछे समय सीमा की बाध्यता बता रहे हैं, उनका कहना है कि प्रशिक्षु शुभम तिवारी को दो महीने से ज्यादा समय थाना लखनपुर में हो चुके थे, इसके बाद उन्हें वहां से हटाकर दूसरी जगह प्रशिक्षण में रखा गया है। लेकिन सवाल तो आप भी वही है की क्या विधायक की भाई के धमकी के बाद ही पूरी कार्रवाई हुई है।




