लखनऊ की ग्रेजुएट ‘चाय वाली’,शाहीन ने की अनोखी शुरुआत,आर्मी के जवानों के लिए फ्री चाय

लखनऊ/उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश देश में आबादी और लोकसभा सीटों के लिहाज से अपनी एक अलग पहचान रखता है। इसी राज्य से कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ का नारा दिया था। उसके बाद भी कांग्रेस की नैया नहीं पार हुई थी। लेकिन ऐसा नहीं है कि लड़कियों ने हालातों से लड़ना छोड़ दिया है, लड़ नहीं रही है। लड़कियां हालातों से लड़ भी रही है और उन हालातों से लड़कर जंग जीत भी रही है। इसी क्रम में एनबीटी ऑनलाइन जिन लड़कियों की बात आज कर रहा है, उस ग्रेजुएट पास लड़की ने हालातों से लड़ा भी और जिंदगी पटरी लाने के उद्देश्य से ‘लखनऊ चाय वाली’ के नाम से चाय का स्टॉल खोलकर एक नई शुरुआत भी कर दी है।
दरअसल नजाकत और नफासत के शहर लखनऊ में अभी तक आपने कड़क टी स्टॉल, चुस्की तंदूरी चाय, ईरानी चाय, कश्मीरी चाय समेत नामों से चाय की दुकाने देखी होगी। सबकी चाय अपने अपने नाम और स्वाद के लिहाज से फेमस भी है। वहीं हजरतगंज स्थित शर्मा जी की चाय अपनी चाय के स्वाद के दमपर एक बहुत बड़ा ब्रांड बन चुका है। आलम ये है कि लखनऊ आने वाला हर शख्श चाहे नेता हो, अभिनेता हो, बिजनेस मैन हो या कोई आम आदमी सभी शर्मा जी के वहां जरूर चाय की चुस्की लेने पहुंचते हैं। ऐसे ही चाय के दमपर अपनी एक अलग पहचान बनाने के लिए लखनऊ में ग्रेजुएट पास लड़की ने लखनऊ चाय वाली के नाम से अपनी एक चाय की स्टॉल खोल दी है।
ग्रेजुएट पास हैं लखनऊ की चाय वाली
लखनऊ चाय वाली के नाम से चाय का स्टॉल लगाने वाली शाहीन ग्रेजुएट पास है और राजधानी के हुसैनगंज की रहने वाली है। शाहीन बताती है कि उन्हें जॉब नहीं करनी थी, इसलिए उन्होंने बिजनेस में हाथ आजमाने का सोचा। शाहीन को रेस्टोरेंट लाइन में इंट्रेस्ट भी था तो चाय की दुकान खोलकर एक शुरुआत कर दी है। आगे चलकर कैंटीन या कैफे खोलने का विचार है। दुकान को ‘लखनऊ चाय वाली’ नाम देने के पीछे शाहीन बताती है कि उन्हें लखनऊ से बहुत प्यार था और वो लखनऊ के हुसैनगंज में रहती है।
नौकरी नहीं मिली तो खोल दिया चाय का स्टाल
शाहीन ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि नौकरी मिलती ही कहा है अगर मिलेगी भी तो 10 से 12 हजार रुपये से ज्यादा कोई नहीं देगा। इसलिए चाय की दुकान खोल दी है, इससे रोजाना 1000 रुपये के लगभग की भी कमाई हो जाती है। शाहीन अपनी मम्मी के साथ ननिहाल में रहती है, उनके पिता की डेथ हो चुकी है। वो अपने बिजनेस से परिवार की आर्थिक मदद भी कर देती है। घर की मजबूरियों और कुछ कर गुजरने की ललक को देखते हुए शाहीन ने अपने पॉकेट मनी से ही लखनऊ चाय वाली की शुरुआत की है। शाहीन अकेले दम पर लखनऊ के प्रेस क्लब के सामने दुकान चला रही है। उन्होंने कहा कि कोई काम छोटा बड़ा नहीं होता है और हमे यह काम करने में कोई झिझक नहीं है।
आर्मी के जवानों के लिए फ्री चाय
लखनऊ चाय वाली के चाय के रेट की बात करे तो कुल्लड़ वाली चाय के लिए 15 रुपये देने होंगे और डिस्पोजल वाली 10 रुपए की मिलती है। कटिंग चाय के लिए 5 रुपए खर्च करने होंगे। इनकी चाय के स्वाद का राज अदरक और इलाइची है। शाहीन ने बताया कि यही वजह है कि मेरी चाय सबको अच्छी लगती है, तभी तो महज डेढ़ महीने में रोजाना 250 से 300 लोग चाय पीने के लिए आ जाते हैं। इसके साथ ही आर्मी से जुड़े जवानों को चाय पीने के लिए कोई पैसा नहीं देना होगा। शाहीन ने बताया कि आर्मी के जवानों के लिए मेरी रिस्पेक्ट है, इसलिए यह स्कीम हमेशा के लिए रहेगी।
‘नगर निगम करता है पैसे की मांग’
उधर लखनऊ जिलाधिकारी के आवास से चंद कदम की दूरी पर प्रेस क्लब से ठीक सामने चाय की दुकान खोलने वाली शाहीन ने इस दौरान अपना दुख भी साझा किया। शाहीन ने बताया कि नगर निगम के लोग दुकान हटाने के लिए बोलते हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कभी कभार आते हैं तो एनाउंस करते हुए कहते है कि दुकान हटा दीजिए या पैसे दीजिए। शाहीन ने नगर निगम पर पैसे मांगने का भी आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन कराना है, रजिस्ट्रेशन कराने के लिए गई थीस लेकिन अभी हुआ नहीं है।
चाय की लोगों ने की तारीफ
लखनऊ चाय वाली का नाम सुनकर चाय पीने आए लोगों से भी मीडिया ने बातचीत की। लोगों ने बताया कि नाम सुना था कि इनकी चाय की अच्छी क्वालिटी है, इसलिए चाय पीने के लिए आए हैं। यह एक अच्छा काम कर रही है। लोग बताते हैं कि आज हमने लड़कियों की वजह से वर्ल्ड चैंपियन बने है, इसलिए आज लड़किया किसी से पीछे नहीं है। इसके साथ ही चाय पीने वाले लोगों ने बताया कि यह अन्य लड़कियों के लिए प्रेरणादायक है। लोगों ने बताया कि हमारे देश में चाय सभ्यता और संस्कृति भी है और अच्छी चाय के लिए लोग दूर दूर तक चले जाते हैं। अकेले दम पर कोई काम करना कोई छोटी बात नहीं है यह कर रही है एक बड़ी बात है।




