मोबाइल से भी हल्की कानपुर की ‘प्रबल’ रिवॉल्वर, 50 मीटर अचूक निशाना

कानपुर,(उत्तर प्रदेश)। देश की पहली स्वदेशी निर्मित लंबी दूरी की रिवॉल्वर ‘प्रबल’ को इस साल 18 अगस्त को लॉन्च कर दिया गया। 21 अगस्त से यह ऑनलाइन बुकिंग के लिए उपलब्ध हो गई है। कानपुर की स्मॉल आर्म्स फैक्ट्री में इसकी लॉन्चिंग हुई। इस रिवॉल्वर का निर्माण एडवांस्ड वेपंस एंड इक्किपमेंट इंडिया लिमिटेड (एडब्ल्यूईआईएल) ने किया है। प्रबल रिवॉल्वर की ढेर सारी खूबियां हैं। यह आपके मोबाइल फोन से भी हल्की है। यह 1 लाख 40 हजार 800 रुपये में उपलब्ध है। इसकी बैरल की लंबाई 76 मिमी है। रिवॉल्वर का वजन केवल 700 ग्राम है। इसकी रेंज 50 मीटर तक है। इसमें एक साइड स्विंग सिलेंडर है, जो इसे भारतीय निर्मित रिवॉल्वरों में अद्वितीय बनाता है।
‘प्रबल’ का वजन अन्य रिवॉल्वरों की तुलना में 25 से 30 ग्राम कम है। इसका ट्रिगर बेहद सॉफ्ट है। इसमें वुडग्रिप लगाई गई है, जिससे रिवॉल्वर की पकड़ बेहद मजबूत बनेगी। ‘प्रबल’ को लॉन्च करने से पहले सभी बातों का विशेष ध्यान दिया गया है। यह रिवॉल्वर माइनस 30 से लेकर 50 डिग्री के तापमान पर भी काम कर सकती है। यह रिवॉल्वर महिलाओं की पहली पसंद बन गई है। महिलाएं इसे आसानी से अपने हैंड बैग में रख सकती हैं। इसके साथ ही अपनी सुरक्षा के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं। इसका ट्रिगरपुल अन्य रिवॉल्वरों से बेहद आसान है। इसके पुराने संस्करण में कारतूस डालने के लिए मोड़ना पड़ता था।
सबसे ज्यादा मारक रेंज वाली रिवॉल्वर
‘प्रबल’ 32 बोर की हल्की रिवॉल्वर है। अन्य रिवॉल्वरों से इसकी मारक क्षमता दोगुनी है। लॉन्ग रेंज वाली यह रिवॉल्वर भारत निर्मित है। इसमें साइड स्विंग सिलिंडर लगे हुए हैं। एडब्ल्यूईआईएल के निदेशक एके मौर्य का कहना है कि ‘प्रबल’ रिवॉल्वर के फीचर अन्य रिवॉल्वरों से अलग हैं। वर्तमान में मौजूद सभी रिवॉल्वरों की मारक क्षमता मात्र 20 मीटर है। वहीं ‘प्रबल’ की मारक क्षमता 50 मीटर है। बिना कारतूस के इसका वजन 700 ग्राम है। इसके बैरल की लंबाई मात्र 76 मिमी है। इसकी कुल लंबाई 177.6 मीमी है।
रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण को मिल रहा बढ़ावा
प्रबल रिवॉल्वर को भारतीय रक्षा और एयरोस्पेस निर्माण के स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किया गया है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के मिशन और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण की दिशा में यह उल्लेखनीय कदम है। ‘प्रबल’ का शुभारंभ आयातित रक्षा उपकरणों पर निर्भरता को कम करने और घरेलू विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ावा देने के भारत के प्रयासों को दर्शाता है। ‘प्रबल’ जैसे तकनीकी रूप से उन्नत रिवॉल्वर का निर्माण करके, एडब्ल्यूईआईएल स्वदेशी रक्षा उत्पादों के विकास में योगदान देता है। साथ ही देश के रक्षा उद्योग को मजबूत करता है।




