दिल्ली में पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि, कर्तव्य निभाते हुए 154 पुलिसकर्मियों ने दी जान

दिल्ली में पुलिस स्मृति दिवस परेड के दौरान ड्यूटी में शहीद हुए 154 पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई। दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित किए। शहीदों में दिल्ली पुलिस के तीन जवान भी शामिल हैं।

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने 21 अक्टूबर को किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइंस के परेड ग्राउंड में पुलिस स्मृति दिवस परेड आयोजित कर कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। एक सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच देशभर के विभिन्न पुलिस बलों और केंद्रीय सुरक्षा संगठनों के कुल 154 कर्मियों ने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। इनमें दिल्ली पुलिस के तीन जवान भी शामिल हैं।
समारोह में दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने शहीदों के नाम पढ़कर सुनाए। शहीदों की स्मृति पुस्तक को धीमी मार्च के साथ परेड में लाया गया और पुलिसकर्मियों ने सलामी देकर वीर जवानों को नमन किया। इसके बाद पुलिस आयुक्त ने स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। दिल्ली की पूर्व उपराज्यपाल डॉ. किरण बेदी, पूर्व पुलिस आयुक्त टी. आर. कक्कड़, आर. एस. गुप्ता, नीरज कुमार, एस. एन. श्रीवास्तव, राकेश अस्थाना और संजय अरोड़ा सहित सेवारत एवं सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों ने भी पुष्पचक्र अर्पित किए। शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उनके बलिदान को नमन किया गया।
पुलिस स्मृति दिवस 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में चीनी सैनिकों के घात लगाकर किए गए हमले में शहीद हुए दस भारतीय पुलिसकर्मियों की याद में मनाया जाता है। इन जवानों ने देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए थे। इसी परंपरा के तहत हर वर्ष देशभर में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है।
इस वर्ष दिल्ली पुलिस के जिन तीन जवानों को श्रद्धांजलि दी गई, उनमें सहायक उपनिरीक्षक अशोक कुमार, कांस्टेबल संदीप दहिया और कांस्टेबल मोहर सिंह मीणा शामिल हैं। अशोक कुमार 24 दिसंबर 2025 को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के चौथे चरण से जुड़ी ड्यूटी पूरी कर लौटते समय सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
कांस्टेबल संदीप दहिया पांच अगस्त 2026 को सरकारी कार्य से जयपुर गए थे। वापसी के दौरान नूंह, हरियाणा में मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर उनकी सरकारी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें उन्हें घातक चोटें आईं। वहीं, कांस्टेबल मोहर सिंह मीणा 15 जनवरी 2026 को सरकारी ड्यूटी के लिए अलवर जा रहे थे। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर जिस बस में वह यात्रा कर रहे थे, उसके दुर्घटनाग्रस्त होने से उनकी मृत्यु हो गई।
दिल्ली पुलिस ने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए साहस, कर्तव्य और राष्ट्रसेवा के मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। समारोह ने देश की सुरक्षा और नागरिकों की सेवा में प्राण गंवाने वाले पुलिसकर्मियों के योगदान को सम्मानपूर्वक याद किया।

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